बोकारो के गोमिया प्रखंड स्थित बड़की पन्नू क्षेत्र में 35 जंगली हाथियों का झुंड घुस आया है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए हाई अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें।
झारखंड के बोकारो जिले में एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत आने वाले बड़की पन्नू इलाके में अचानक 35 जंगली हाथियों का बड़ा झुंड घुस आया है। एक साथ इतने बड़े हाथियों के झुंड की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। हाथियों का यह झुंड आसपास के जंगलों और रिहाइशी इलाकों के करीब देखा गया है, जिससे फसलों और मकानों की क्षति की आशंका बढ़ गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है और बड़की पन्नू सहित आसपास के सभी गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अधिकारियों ने की ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही बोकारो के उपायुक्त (DC) अजयनाथ झा, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) नीतीश कुमार और संलग्न पदाधिकारी संदीप शिंदे ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से आसपास के गांवों के निवासियों से बेहद सतर्क और सावधान रहने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस समय अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोपरि प्राथमिकता देना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही जान-माल के लिए भारी जोखिम पैदा कर सकती है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की आवाजाही (Movement) पर नजर बनाए हुए है और उन्हें सुरक्षित तरीके से घने जंगलों की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चेतावनी को गंभीरता से लेने की सख्त हिदायत
अधिकारियों और वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा है कि जब तक हाथियों का झुंड क्षेत्र से बाहर नहीं निकल जाता, तब तक निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- आवागमन पर नियंत्रण: हाथियों की मौजूदगी वाले जंगलों और रास्तों से होकर दोपहिया वाहन (बाइक), साइकिल या पैदल यात्रा करना अत्यधिक जोखिम भरा हो सकता है। देर शाम और तड़के सुबह आवाजाही से बचें।
- सेल्फी और वीडियो बनाने पर रोक: लोग अक्सर कौतूहलवश या सोशल मीडिया के लिए हाथियों के पास जाकर तस्वीरें या वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि हाथियों के पास न जाएं और न ही उनके साथ वीडियो बनाने की गलती करें।
- उकसाने की कोशिश न करें: हाथियों पर पत्थर फेंकना, पटाका फोड़ना या उन्हें घेरकर उकसाने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। उग्र होने पर हाथियों का झुंड आक्रामक हमला कर सकता है।
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