Bokaro News: सोशल मीडिया पर शिकायत मिलते ही बोकारो प्रशासन सक्रिय हुआ। लोबिन हेंब्रम के घर पहुंचकर पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और दिव्यांग सहायता की प्रक्रिया शुरू की गई।
Bokaro News के तहत जिला प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली का एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कसमार प्रखंड के तेलमुंगा गांव निवासी बुजुर्ग लोबिन हेंब्रम और उनके दिव्यांग पुत्र कालिदास हेंब्रम को पेंशन एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की सूचना सामने आते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कसमार की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नम्रता जोशी स्वयं टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और परिवार की समस्याओं का समाधान शुरू कराया।

सोशल मीडिया शिकायत पर तत्काल हुई कार्रवाई
Bokaro News के अनुसार, उपायुक्त अजय नाथ झा ने सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के बाद बीडीओ नम्रता जोशी को तत्काल तेलमुंगा गांव जाकर मामले की जांच करने का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही बीडीओ पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव और वार्ड सदस्य के साथ लोबिन हेंब्रम के घर पहुंचीं।
उन्होंने परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं, उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन किया और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई।
पेंशन प्रक्रिया में सामने आई यह वजह
जांच के दौरान पता चला कि लोबिन हेंब्रम की आयु मतदाता पहचान पत्र के अनुसार 52 वर्ष है। हालांकि, जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पेंशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
मौके पर ही पंचायत सचिव और वीएलई के सहयोग से जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया, ताकि आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के बाद पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
सुकुरमनी देवी के दस्तावेजों का भी सत्यापन
Bokaro News में सामने आए इस मामले की जांच के दौरान सुकुरमनी देवी के दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। मतदाता पहचान पत्र के अनुसार उनकी आयु 49 वर्ष पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि उनकी पात्रता के अनुरूप सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दिव्यांग पुत्र को मिलेगी बैटरी चालित ट्राइसाइकिल
लोबिन हेंब्रम के दिव्यांग पुत्र कालिदास हेंब्रम के लिए भी प्रशासन ने त्वरित पहल की है। उनके लिए बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने हेतु आवेदन प्राप्त कर लिया गया है।
अब संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, ताकि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जल्द से जल्द ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जा सके। इससे उनकी दैनिक आवाजाही और जीवन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने दिया संवेदनशीलता का संदेश
Bokaro News में सामने आए इस घटनाक्रम ने यह संदेश दिया है कि जिला प्रशासन सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रहा है।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। यदि किसी जरूरतमंद की सूचना सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त होती है तो उस पर पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
Background
झारखंड सरकार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, दिव्यांगजन और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का पूरा होना अनिवार्य होता है। कई बार दस्तावेजों की कमी के कारण पात्र लोगों को लाभ मिलने में देरी हो जाती है।
Impact
इस कार्रवाई से लोबिन हेंब्रम और उनके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। साथ ही यह उदाहरण अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए भी सकारात्मक संदेश है कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय है।
Official Statement
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक विलंब के कारण योजनाओं से वंचित न रखा जाए।
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Public Information
यदि किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, तो वह संबंधित प्रखंड कार्यालय, पंचायत स्तर के अधिकारियों या अन्य अधिकृत माध्यमों के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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