रांची हाईकोर्ट में लगा विशेष पासपोर्ट शिविर, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर मिली सुविधा
पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय परिसर में सोमवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से एकदिवसीय विशेष पासपोर्ट शिविर का आयोजन किया गया।
झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश में सुधार के बावजूद अब भी सामान्य से 37% कम वर्षा
झारखंड में मानसून की गतिविधियों में पिछले कुछ दिनों के दौरान उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। राजधानी रांची सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और खेती-किसानी के कार्यों को भी गति मिली है।
22 जुलाई तक बीएलओ को जमा करें इन्यूमरेशन फॉर्म, तभी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल होगा नाम
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को एक सहभागी प्रक्रिया बताते हुए सभी मतदाताओं, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप: 6 मौतें, 1.04 लाख से अधिक लोगों की जांच, लापरवाही पर कार्रवाई
पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में संक्रमण के बढ़ते मामलों और छह लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई है। समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर कई अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
बच्चों को सेफ कोड सिखाने का स्मार्ट तरीका – बहार की दुनिया में सुरक्षा का सीक्रेट फॉर्मूला!
आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा केवल घर और स्कूल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों को एक “सेफ कोड” या गुप्त सुरक्षा शब्द सिखाना चाहिए। यह ऐसा खास शब्द या वाक्य होता है जिसे केवल परिवार के सदस्य जानते हैं। यदि कभी कोई अनजान व्यक्ति बच्चे को लेने आए या किसी आपात स्थिति का दावा करे, तो बच्चा उससे यह कोड पूछ सकता है। सही कोड न बता पाने पर बच्चा सतर्क हो जाएगा और मदद मांगेगा। यह तरीका बच्चों को अपहरण, धोखाधड़ी और अन्य संभावित खतरों से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही बच्चों को यह भी सिखाना जरूरी है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ न जाएं, अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी असहज स्थिति की जानकारी तुरंत माता-पिता या भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सही प्रशिक्षण सबसे प्रभावी हथियार हैं। एक छोटा-सा “सेफ कोड” बच्चों के लिए बड़ी सुरक्षा का साधन बन सकता है।
अपराधियों का कच्चा चिट्ठा अब होगा एक अंगूठे की दूरी पर
पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक तथा प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके तहत मोबाइल डिवाइस पर किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट स्कैन करते ही उसका आपराधिक रिकॉर्ड तुरंत सामने आ सकेगा। इस तकनीक का उद्देश्य अपराधियों की पहचान को तेज और सटीक बनाना है, ताकि जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो सके। नई प्रणाली के जरिए पुलिसकर्मी मौके पर ही संदिग्ध व्यक्ति के अंगूठे या उंगलियों के निशान लेकर उन्हें केंद्रीय डेटाबेस से मिलान कर सकेंगे। यदि संबंधित व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास दर्ज है, तो उसकी जानकारी कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। इससे फरार अपराधियों, वारंटियों और बार-बार अपराध करने वाले लोगों की पहचान आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, इसके साथ डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना होगा। पुलिस विभाग का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी, जिससे आम लोगों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए चुकाने होंगे पैसे ? AI के इस्तेमाल पर सख्ती
News Saga Desk टेक कंपनी Meta ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए नए ‘प्लस’ सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं। कंपनी ने इसके साथ ही डुप्लीकेट कंटेंट और AI से बनाए गए लो-क्वालिटी वीडियो पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का भी ऐलान किया है। Meta का कहना है कि इन नए कदमों का उद्देश्य ओरिजिनल क्रिएटर्स को बढ़ावा देना और प्लेटफॉर्म पर बेहतर कंटेंट उपलब्ध कराना है। इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए नया प्लसप्लान Meta ने इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस नाम से नए प्रीमियम प्लान पेश किए हैं। इनकी कीमत लगभग 3.99 डॉलर यानी करीब 380 रुपये प्रति माह रखी गई है। इन प्लान्स में क्रिएटर्स को अतिरिक्त फीचर्स मिलेंगे, जिनमें यह देखने की सुविधा शामिल है कि उनकी स्टोरी कितने लोगों ने दोबारा देखी। व्हाट्सएप प्लस भी लॉन्च कंपनी ने व्हाट्सएप प्लस प्लान भी पेश किया है, जिसकी कीमत लगभग 2.99 डॉलर यानी करीब 280 रुपये प्रति माह बताई जा रही है। हालांकि Meta ने स्पष्ट किया है कि ये प्लान्स मौजूदा मेटा सत्यापित सब्सक्रिप्शन की जगह नहीं लेंगे, बल्कि यूजर्स और क्रिएटर्स को अतिरिक्त टूल्स और फीचर्स उपलब्ध कराएंगे। डुप्लीकेट और AI कंटेंट पर कार्रवाई Meta ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। अगर कोई यूजर दूसरे की वीडियो डाउनलोड करके उस पर अपना वाटरमार्क लगाकर दोबारा पोस्ट करता है या सिर्फ ऑटो-कैप्शन और घटिया AI टूल्स के जरिए कंटेंट तैयार करता है, तो ऐसे अकाउंट्स की Reach कम की जा सकती है। साथ ही उनका मोनेटाइजेशन भी बंद किया जा सकता है। कंपनी ने बताया कि अब एडवांस AI टूल्स के जरिए डुप्लीकेट वीडियो की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा, ताकि ओरिजिनल क्रिएटर्स को प्राथमिकता मिल सके। विज्ञापनदाताओं के लिए भी नए नियम Meta ने वित्तीय उत्पाद, आवास, रोजगार और सामाजिक मुद्दे से जुड़े विज्ञापनों के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं। अब ऐसे विज्ञापन चलाने वाले एडवर्टाइजर्स को “विशेष विज्ञापन श्रेणी” चुनना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर विज्ञापन तुरंत रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। Meta AI और डेटा प्राइवेसी पर सवाल Meta AI को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार व्हाट्सएप पर Meta AI के साथ की गई बातचीत एंड-टू-एंडएन्क्रिप्टेड नहीं होती है। ऐसे में Meta इन चैट्स का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए कर सकता है। इससे यूजर्स की डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। Meta के इन नए बदलावों को सोशल मीडिया इंडस्ट्री में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यूजर्स और क्रिएटर्स इन नए फीचर्स और नियमों को कितना अपनाते हैं।
RBI का नया रूल ₹10,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे का होल्ड
RBI ₹10,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे का होल्ड लागू करने पर विचार कर रहा है, ताकि बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोका जा सके। यह कदम यूजर्स को ट्रांजैक्शन कैंसल करने का समय देगा, लेकिन इससे इंस्टेंट पेमेंट की स्पीड पर असर पड़ सकता है।
आज के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा दी गई थी फांसी
मात्र 23-24 साल की उम्र में हँसते-हँसते देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्तंभ है।उन्हें लाहौर षड्यंत्र मामले (सांडर्स की हत्या) में ब्रिटिश सरकार द्वारा दोषी ठहराया गया था।
1739 में आक्रमणकारी नादिर शाह की सेना ने 58 दिनों तक कत्लेआम मचाया था
Today’s History, 15 March 2026 : आज वर्तमान (Present) है, कल (Yesterday) गुजरा हुआ समय (Past) है और दूसरा कल (Tomorrow) आने वाला समय (Future)।