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95 मिमी बारिश से 25 वार्डों में बिगड़े हालात, निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी; प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा

जलपाईगुड़ी बारिश ने शनिवार को जिले में जनजीवन की रफ्तार प्रभावित कर दी। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण जलपाईगुड़ी शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। महज कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर के 25 वार्डों के अधिकांश हिस्सों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई निचले इलाकों में पानी घरों के सामने तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह तक जलपाईगुड़ी में करीब 95 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। जलपाईगुड़ी बारिश का असर केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तीस्ता और करला नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तीस्ता नदी के मेखलीगंज क्षेत्र में येलो अलर्ट जारी किया है।
95 मिमी बारिश से शहर में जलभराव
शनिवार सुबह से जारी जलपाईगुड़ी बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही घंटों में भारी मात्रा में बारिश होने के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। शहर के कई वार्डों में लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
निचले इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि कुछ घरों के सामने तक पानी पहुंच गया। इससे स्थानीय लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की आवाजाही भी कई जगह प्रभावित हुई।
लगातार बारिश के कारण जलभराव की समस्या ने शहर के सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश जारी रहने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
25 वार्डों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी
जलपाईगुड़ी शहर के कुल 25 वार्डों के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का असर दिखाई दिया। स्थानीय स्तर पर कई सड़कें पानी में डूब गईं। लोगों का कहना है कि शहर में थोड़ी तेज बारिश होने पर भी कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है।
स्थानीय निवासियों ने जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि हर साल बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह पानी भरता है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
जलपाईगुड़ी बारिश के दौरान सामने आई जलभराव की स्थिति ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि बारिश के पानी की जल्द निकासी के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
तीस्ता और करला नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश का असर जिले की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। तीस्ता और करला नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार, तीस्ता नदी के मेखलीगंज क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद येलो अलर्ट जारी किया गया है।
येलो अलर्ट के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी के जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है।
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जलपाईगुड़ी बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर निगरानी रख रहे हैं। खासतौर पर तीस्ता नदी के जलस्तर और निचले इलाकों में पानी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
येलो अलर्ट के बीच प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में जलभराव को नियंत्रित करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है, तो जलस्तर और जलभराव की स्थिति में बदलाव हो सकता है।
स्थानीय लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है। नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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