News Saga Desk
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 52 मिनट तक संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए स्थानीय रोजगार को लेकर बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला क्षेत्र होने के बावजूद धनबाद में खनन कार्य आउटसोर्सिंग कंपनियों के हवाले कर दिया गया है, जो राज्य के बाहर से मजदूर लाकर काम करा रही हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा और उन्हें मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है।
कोयला क्षेत्र में 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कोयला क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों को 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए स्वयं आगे आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और न्याय की लड़ाई में जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने पेसा कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून लागू हो चुका है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी आदिवासी या स्थानीय व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
महंगाई और केंद्र सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र में भाजपा की सरकार रहेगी, तब तक महंगाई कम नहीं होगी। बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिसके कारण वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि दे रही है।
शिक्षा को प्राथमिकता, फ्री कोचिंग का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार रांची में गरीब बच्चों के लिए नि:शुल्क इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग चला रही है, जिसे जल्द ही जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का हर बच्चा पढ़े और देश-प्रदेश के ऊंचे पदों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा दिलाएं और गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उठाकर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और पत्रकार बनाएं, ताकि परिवार और समाज दोनों की स्थिति मजबूत हो सके।
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