क्रूड ऑयल $111 के पार अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ीं कीमतें, सोना पड़ा फीका

News Saga Desk

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार, 18 मई को क्रूड ऑयल की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल दर्ज किया गया। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पार निकल गया है, वहीं अमेरिकी क्रूड WTI भी $103 प्रति बैरल के बेहद करीब कारोबार करता नजर आया। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले महज एक हफ्ते में तेल की कीमतों में करीब 7% और बीते एक महीने में 23% से ज्यादा की भारी तेजी आ चुकी है।

आखिर क्यों बढ़ रही है कच्चे तेल में टेंशन?

तेल बाजार में आई इस हालिया तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भू-राजनीतिक कारण माने जा रहे हैं:

  1. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया सख्त बयान ने बाजार की बेचैनी को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाते हुए साफ शब्दों में कहा है कि नए समझौते के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। इस बयान के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर वैश्विक बाजार की चिंताएं गहरी हो गई हैं। बता दें कि यह समुद्री रास्ता दुनिया भर की तेल सप्लाई के लिए लाइफलाइन माना जाता है और यहां किसी भी तरह के व्यवधान का सीधा असर वैश्विक कीमतों पर पड़ता है।

  1. यूएई (UAE) के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला

वीकेंड के दौरान यूनाइटेड अरब एमिरेट्स (UAE) से आई एक खबर ने निवेशकों को अलर्ट कर दिया। यूएई के बराकाह न्यूक्लियर प्लांट (Barakah Nuclear Plant) के बाहरी हिस्से में एक ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है और न ही किसी तरह के रेडिएशन रिसाव (Leakage) का कोई खतरा है। इसके बावजूद, संवेदनशील क्षेत्र में हुए इस हमले ने बाजार की चिंताओं को हवा दे दी है।

सोने की कीमतों पर दिखा दबाव, $4,533 के स्तर पर आया

एक तरफ जहां कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सर्राफा बाजार में सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड पर सोना करीब 0.62% की गिरावट के साथ $4,533 प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की मजबूती इसकी मुख्य वजह है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य करेंसी वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग में कमी आती है।

भविष्य पर निवेशकों की टिकी हैं नजरें

फिलहाल कमोडिटी मार्केट के निवेशकों की नजरें इस हफ्ते होने वाली अमेरिका और ईरान की बातचीत पर टिकी हैं। साथ ही इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर भी बाजार की पैनी नजर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि खाड़ी देशों में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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