CTPS Chandrapura ने FY 2025-26 में बिजली उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, CSR, शिक्षा, स्वास्थ्य और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए।
CTPS Chandrapura ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में दर्ज की बहुआयामी उपलब्धियां
CTPS Chandrapura ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली उत्पादन, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) के चंद्रपुरा ताप विद्युत स्टेशन ने परिचालन उत्कृष्टता के साथ स्थानीय समुदाय के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। CTPS Chandrapura की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम विकास की नई मिसाल कायम कर सकते हैं।

प्रभावी नेतृत्व से मिली सफलता
संयंत्र की इन उपलब्धियों के पीछे वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान राम कुमार अनुभवी का नेतृत्व महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में CTPS Chandrapura ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा दक्षता में सुधार, परिचालन गुणवत्ता को मजबूत करने और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से संयंत्र ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
बिजली उत्पादन और परिचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संयंत्र ने देश के सभी केंद्रीय क्षेत्रीय ताप विद्युत गृहों में मार्च 2026 के प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जनवरी 2026 में निर्धारित 60 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 62 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) हासिल कर संयंत्र ने अपनी परिचालन दक्षता का परिचय दिया। इसके साथ ही मार्च 2026 में ड्राई फ्लाई ऐश (DFA) के शत-प्रतिशत उपयोग का लक्ष्य पूरा कर पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी सफल निर्वहन किया।

पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा की दिशा में पहल
CTPS Chandrapura ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज कीं। यूनिट-7 में ड्राई फ्लाई ऐश प्रणाली की सफल कमीशनिंग की गई। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए 500 मेगावाट से कम क्षमता वाले ताप विद्युत संयंत्रों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। इसके अलावा यूनिट-7 और 8 का न्यूनतम तकनीकी लोड 135 मेगावाट तक लाकर लगभग 10 करोड़ रुपये की कार्बन उत्सर्जन लागत बचाई गई।
जल संरक्षण को और मजबूत बनाने के लिए दो नई ऐश वॉटर रिकवरी इकाइयों को चालू किया गया। वहीं कॉलोनी क्षेत्र में तीन आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए गए, जिससे जल पुनर्चक्रण व्यवस्था को मजबूती मिली।
हरित ऊर्जा और भविष्य की परियोजनाएं
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयंत्र परिसर में 10 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है, जिसके सितंबर 2026 तक चालू होने की संभावना है। इसके अलावा डीवीसी और कोल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के तहत 2×800 मेगावाट क्षमता वाले नए ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। इन परियोजनाओं से भविष्य में बिजली उत्पादन क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
CSR के जरिए समाज के विकास को मिली नई गति
CTPS Chandrapura ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों और शैक्षणिक संस्थानों में कई विकास कार्य किए। गट्टीगढ़ा गांव में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल सुविधा बहाल की गई। पिपराडीह और नर्रा के विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण कराया गया, जबकि चंद्रपुरा में बर्निंग घाट और छठ घाट का निर्माण पूरा किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में दो विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए। आरपीएस कॉलेज में 30 कंप्यूटरों से सुसज्जित आधुनिक कंप्यूटर लैब की स्थापना कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में उपलब्धियां
केंद्रीय विद्यालय चंद्रपुरा के विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दसवीं बोर्ड परीक्षा में आदिल हुसैन ने 97.18 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि बारहवीं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। खेल के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत एसटीएमएम अस्पताल द्वारा 262 CSR स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 14,286 लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल में ट्रूनेट मशीन और आधुनिक ऑटोक्लेव मशीन की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ हुई हैं।
कौशल विकास के क्षेत्र में डीटीआई चंद्रपुरा द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम (ABMS), राष्ट्रीय कर्मयोगी कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। आईटीआई और व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से 247 युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया।
Official Statement
डीवीसी प्रबंधन के अनुसार, CTPS Chandrapura का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता है। प्रबंधन का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता और सामुदायिक विकास पर समान रूप से कार्य जारी रहेगा।
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Background & Impact
चंद्रपुरा ताप विद्युत स्टेशन लंबे समय से झारखंड और पूर्वी भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां न केवल बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि का संकेत हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इससे स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, युवाओं और क्षेत्रीय विकास को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
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