दिग्गज अभिनेता देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का लंदन में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार हार्ट अटैक के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। फिल्म जगत में शोक।
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का निधन हो गया है। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और सदाबहार स्टार देव आनंद के इकलौते बेटे सुनील आनंद ने लंदन में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक उम्र के सुनील आनंद को सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया।
सुनील आनंद के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि परिवार की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। खास बात यह है कि जिस लंदन अस्पताल में सुनील आनंद का निधन हुआ, उसी अस्पताल में वर्ष 2011 में उनके पिता देव आनंद ने भी अंतिम सांस ली थी।

अनीता पद्दा ने दी निधन की जानकारी
लेखिका अनीता पद्दा ने सुनील आनंद के निधन की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि सुनील आनंद का निधन हार्ट अटैक के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद लंदन में रहने लगे थे और वह परिवार में अकेले थे।
अनीता पद्दा ने सुनील आनंद पर ‘A Convergence of Solitudes’ नाम की किताब भी लिखी है। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल उनके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं।
देव आनंद और कल्पना कार्तिक के बेटे थे सुनील आनंद
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब हिंदी सिनेमा एक बार फिर देव आनंद परिवार से जुड़ी इस दुखद खबर से भावुक है।
सुनील आनंद का जन्म अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के घर हुआ था। उनका बचपन फिल्मी माहौल में बीता। वह हिंदी सिनेमा के प्रतिष्ठित आनंद परिवार से जुड़े थे।
उनके चाचा चेतन आनंद और विजय आनंद फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक रहे। इसके अलावा उनका संबंध फिल्म जगत के कई प्रसिद्ध कलाकारों और निर्देशकों से रहा।
पिता की तरह फिल्मों में बनाई पहचान की कोशिश
सुनील आनंद ने अमेरिका की अमेरिकन यूनिवर्सिटी, वॉशिंगटन डीसी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी की थी। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता देव आनंद की तरह फिल्मों में करियर बनाने का फैसला किया।
वर्ष 1984 में उन्होंने फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ राखी, स्मिता पाटिल और बिस्वजीत चटर्जी जैसे कलाकार नजर आए थे। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।
इसके बाद सुनील आनंद ने ‘कार थीफ’, ‘मैं तेरे लिए’ और ‘मास्टर’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन वह अपने पिता देव आनंद जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए।

देव आनंद की विरासत से जुड़ा सफर
देव आनंद हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनका प्रोडक्शन हाउस नवकेतन फिल्म्स हिंदी सिनेमा के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने इस विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश की। वर्ष 2011 में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी संभालने का प्रयास किया। वर्ष 2012 में उन्होंने हॉलीवुड प्रोजेक्ट ‘Vagator Mixer’ की घोषणा भी की थी।
बताया गया था कि यह फिल्म गोवा में चलने वाले ड्रग रैकेट जैसे विषय पर आधारित थी। हालांकि यह प्रोजेक्ट बड़े स्तर पर सामने नहीं आ सका।
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फिल्म जगत में शोक
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का निधन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक भावुक करने वाली खबर है। देव आनंद जैसे महान कलाकार की विरासत से जुड़े सुनील आनंद के निधन पर सिनेमा प्रेमियों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
सुनील आनंद भले ही अपने पिता की तरह बड़े स्टार नहीं बन पाए, लेकिन वह हिंदी सिनेमा के एक प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा रहे और अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए जाने जाते थे। सुनील आनंद के निधन से जुड़ी अंतिम जानकारी और परिवार की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार उनका निधन लंदन में हृदयाघात के कारण हुआ।
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