सोनम वांगचुक की अपील पर देवेंद्रनाथ महतो ने तोड़ी जल त्याग, आंदोलन रहेगा जारी

NEWS SAGA DESK

देवेंद्रनाथ महतो ने सोनम वांगचुक की अपील के बाद जल ग्रहण किया, लेकिन भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग तेज।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद जल ग्रहण कर लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद समर्थकों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत कर आंदोलन जारी रखने के लिए स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने पानी पीकर जल ग्रहण किया।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं

सोनम वांगचुक की अपील का पड़ा असर

भूख हड़ताल के दौरान देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। इस बीच सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर उनसे बातचीत की और कहा कि किसी भी लंबे जनआंदोलन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए आंदोलनकारी का स्वस्थ रहना जरूरी है। उन्होंने आग्रह किया कि वे जल ग्रहण करें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें ताकि छात्रों की लड़ाई मजबूती से जारी रख सकें।

सोनम वांगचुक की इस अपील के बाद देवेंद्रनाथ महतो ने पानी पी लिया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि उनकी भूख हड़ताल और आंदोलन अपने उद्देश्य पूरे होने तक जारी रहेगा।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के समर्थन में आंदोलन

देवेंद्रनाथ महतो रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि झारखंड के हजारों युवाओं का भविष्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्र भी इस आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग

देवेंद्रनाथ महतो की प्रमुख मांग 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की है। उनका कहना है कि जब तक पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक परीक्षा को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं से योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

भर्ती परीक्षा विवाद पर बढ़ता छात्र आंदोलन

झारखंड में पिछले कुछ समय से JPSC सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। रांची में चल रहे इस आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं का समर्थन भी देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारी सरकार से स्पष्ट निर्णय और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।

झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हाल के दिनों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर भी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हुई है। इसी क्रम में देवेंद्रनाथ महतो ने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। देवेंद्रनाथ महतो के आंदोलन ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे को राज्यभर में चर्चा का विषय बना दिया है। इससे छात्र संगठनों का मनोबल बढ़ा है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को और मजबूती मिली है। साथ ही, उनकी बिगड़ती तबीयत के बाद आंदोलन के मानवीय पक्ष पर भी लोगों का ध्यान गया।

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देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि उनका आंदोलन छात्रों के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल ग्रहण करने का फैसला केवल स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, लेकिन उनकी भूख हड़ताल और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती। भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों और छात्रों से अपील की जा रही है कि वे आधिकारिक सूचनाओं के लिए JPSC और संबंधित सरकारी विभागों की घोषणाओं पर नजर रखें। आंदोलन से जुड़े निर्णय और आगे की रणनीति की जानकारी छात्र संगठनों द्वारा समय-समय पर साझा की जा रही है।

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