भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला टीम इंडिया के लिए निराशाजनक रहा। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 5 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की
NEWS SAGA DESK
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला टीम इंडिया के लिए निराशाजनक रहा। मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 5 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 352 रन का मजबूत लक्ष्य दिया था, लेकिन कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की जबरदस्त पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने 10 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार की वजहों पर खुलकर बात की। उन्होंने सबसे ज्यादा चिंता टीम की फील्डिंग को लेकर जताई। गिल के मुताबिक भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले में करीब 6-7 कैच छोड़े। इतने मौके गंवाना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है और वर्ल्ड कप से पहले यह टीम के लिए चिंता का विषय है।
गिल ने डेथ ओवर्स की गेंदबाजी को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनका कहना था कि आखिरी ओवरों में टीम को यह स्पष्टता होनी चाहिए कि कब बल्लेबाज पर हमला करना है और कब रन रोकने के लिए रक्षात्मक फील्ड लगानी है। कप्तान ने माना कि कई बार डेथ ओवर्स की रणनीति जरूरत से पहले शुरू हो जाती है।
वहीं, वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप भारत की हार के सबसे बड़े कारण बने। ग्रोइन इंजरी के बावजूद उन्होंने 162 रन की नाबाद पारी खेली। यह उनका वनडे करियर का 21वां शतक और लगातार दूसरा शतक रहा।
मैच के बाद होप ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से हुई बातचीत को भी दिया। उन्होंने बताया कि धोनी की सलाह थी कि खिलाड़ी के पास अक्सर अपनी सोच से ज्यादा समय होता है। होप ने इसी सोच के साथ नतीजे की बजाय प्रक्रिया पर ध्यान दिया और भारत के खिलाफ यादगार पारी खेलकर वेस्टइंडीज को ऐतिहासिक रन चेज करा दिया।
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