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दुलाल भुईयां धर्मांतरण के खिलाफ झारखंड के चार जिलों में जनजागरण अभियान चलाएंगे। लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में सामाजिक महापंचायत आयोजित होगी।
धर्मांतरण के खिलाफ दुलाल भुईयां का जनजागरण अभियान झारखंड में शुरू होने जा रहा है। राज्य के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां 19 जुलाई से चार जिलों के दौरे पर निकलेंगे, जहां वे भुईयां समाज की सामाजिक महापंचायतों में शामिल होकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य समाज को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान के प्रति जागरूक करना, सामाजिक एकता को मजबूत बनाना और संगठन को सशक्त करना बताया गया है।

पूर्व मंत्री ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि अभियान के दौरान समाज के लोगों से संवाद किया जाएगा और सामाजिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, युवाओं की भागीदारी, सामाजिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषयों को भी महापंचायतों में प्रमुखता दी जाएगी।
चार जिलों में आयोजित होगी सामाजिक महापंचायत
दुलाल भुईयां के अनुसार, जनजागरण अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 19 जुलाई को लातेहार जिले से होगी।
कार्यक्रम का शेड्यूल इस प्रकार है—
- 19 जुलाई: लातेहार
- 20 जुलाई: पलामू
- 21 जुलाई: गढ़वा
- 22 जुलाई: चतरा
धर्मांतरण के खिलाफ दुलाल भुईयां का जनजागरण अभियान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। दुलाल भुईयां ने आरोप लगाया कि कुछ ईसाई मिशनरी और धर्म प्रचारक गांवों में जाकर आर्थिक सहायता, सुविधाओं और अन्य प्रकार के प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
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उन्होंने दावा किया कि आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के आश्वासन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से ऐसे किसी भी प्रकार के प्रलोभन और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की अपील की।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा और आस्था के अनुसार किसी भी धर्म को मानने और उसका पालन करने का अधिकार देता है।
संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता पर दिया बयान
पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी धर्म को अपनाता है तो यह उसका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को दबाव, भय, धोखे, जबरदस्ती या किसी प्रकार के प्रलोभन के आधार पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है, तो उसका विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज को अपनी पारंपरिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और विरासत को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक और संगठित रहने की आवश्यकता है।
सामाजिक विकास के मुद्दों पर भी होगी चर्चा
जनजागरण अभियान के दौरान केवल धर्मांतरण का मुद्दा ही नहीं, बल्कि समाज के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
महापंचायतों में शिक्षा को बढ़ावा देने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने, रोजगार के अवसरों, सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने और समाज के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
दुलाल भुईयां ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती के लिए शिक्षा और संगठन सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
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