Himanshu Singh Murder Case को लेकर भाजपा ने CBI जांच की मांग दोहराई। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने परिजनों से मुलाकात कर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
Himanshu Singh Murder Case को लेकर झारखंड की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। भाजपा ने इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित हरिओम नगर पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत हिमांशु सिंह के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

परिजनों से मिलकर जताया दुख
आदित्य साहू ने दिवंगत हिमांशु सिंह के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। उनके अनुसार ऐसी घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि घटना में घायल एक अन्य युवक अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
कानून-व्यवस्था पर भाजपा का हमला
Himanshu Singh Murder Case को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि यदि पुलिस की मौजूदगी में अपराधी हत्या कर आसानी से फरार हो जाते हैं तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार ऐसी घटनाओं से लोगों का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी से भी नहीं डरते। भाजपा का आरोप है कि सरकार अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है।
CBI जांच की मांग हुई तेज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने उनसे मुलाकात के दौरान इस मामले की CBI जांच की मांग की है। उनका कहना था कि लोगों को मौजूदा जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है और वे चाहते हैं कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हो।
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा भी इस मांग का समर्थन करती है। उनके अनुसार यदि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी तो पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल हो सकेगी और दोषियों के साथ-साथ किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही भी सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो झारखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से जनहित याचिका (PIL) दायर कर CBI जांच की मांग भी की जाएगी।
पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल
Himanshu Singh Murder Case में भाजपा ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। आदित्य साहू ने कहा कि घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपराधियों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो संभवतः अपराधियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था। भाजपा ने यह भी मांग की कि घटना के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है और मामले की जांच जारी है।
मामले की पृष्ठभूमि
जमशेदपुर में हाल ही में हुई हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। इस मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग लगातार उठ रही है।
भाजपा का कहना है कि इस मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों को कड़ी सजा मिलना जरूरी है ताकि लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
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आगे क्या?
फिलहाल Himanshu Singh Murder Case की जांच जारी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है, जबकि विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। यदि CBI जांच की मांग और तेज होती है तो यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बन सकता है।
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