Raj Hospital Ranchi Death Case में युवक की मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, CM Hemant Soren ने जांच के आदेश दिए।
News Saga Desk
रांची के चर्चित Raj Hospital Ranchi Death Case ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। राजधानी रांची के निजी राज अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जांच के आदेश दिए हैं।
लातेहार निवासी राजू कुमार रंजन की मौत के बाद अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन हुआ। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने और संक्रमण बढ़ने के कारण युवक की जान चली गई। वहीं, मौत के बाद 22 लाख रुपये का बिल थमाए जाने के आरोप ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार, राजू कुमार रंजन 24 मई को एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ था, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में मरीज की स्थिति स्थिर थी, लेकिन इलाज के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियां नहीं बरती गईं। उनका आरोप है कि घाव की नियमित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण संक्रमण तेजी से फैलता गया और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
यही आरोप अब Raj Hospital Ranchi Death Case की जांच का प्रमुख आधार बन गया है।
संक्रमण बढ़ने के बाद आईसीयू में किया गया शिफ्ट
परिजनों के मुताबिक, संक्रमण गंभीर होने के बाद राजू को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। वहां कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः उनकी मौत हो गई।
मृतक के परिवार का कहना है कि यदि समय रहते उचित उपचार और निगरानी की जाती तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण इतना गंभीर कैसे हो गया कि युवक की मृत्यु हो गई।
इस घटना के बाद Raj Hospital Ranchi Death Case को लेकर आम लोगों के बीच भी कई सवाल उठने लगे हैं।
22 लाख रुपये के बिल को लेकर बढ़ा विवाद
मामले में सबसे अधिक चर्चा उस आरोप की हो रही है जिसमें परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर 22 लाख रुपये का बिल थमाने का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के दुख के बीच अस्पताल प्रशासन ने भारी भरकम बिल जमा करने का दबाव बनाया। इससे परिवार का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन हुआ और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान
Raj Hospital Ranchi Death Case की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।
जिला प्रशासन ने गठित की विशेष जांच टीम
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मामले की जांच के लिए सिविल सर्जन को जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही जिला स्तर पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
यह टीम अस्पताल के उपचार संबंधी रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, चिकित्सकीय प्रक्रिया और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि Raj Hospital Ranchi Death Case की निष्पक्ष जांच से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिए सख्त निर्देश
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच समिति गठित करने को कहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जनता की नजर जांच रिपोर्ट पर
फिलहाल Raj Hospital Ranchi Death Case की जांच जारी है और पूरे राज्य की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यह मामला केवल एक मरीज की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता, जवाबदेही और मरीजों के अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या वास्तव में चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी। वहीं, मृतक के परिजन न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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