Hul Diwas 2026 पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग कभी नहीं बुझती और वीरों का बलिदान हमेशा प्रेरणा देता है।
रांची: Hul Diwas 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को रांची के मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। Hul Diwas 2026 पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रांति की आग कभी नहीं बुझती और वीरों का बलिदान हमेशा समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है।

हूल दिवस केवल स्मरण नहीं, संघर्ष की प्रेरणा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि Hul Diwas 2026 केवल शहीदों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि हूल विद्रोह के महानायक सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो ने अंग्रेजी शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ साहसपूर्वक आवाज उठाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान सेनानियों ने अपने अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष का मार्ग चुना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
अन्याय के खिलाफ आदिवासी समाज ने दिखाई राह
हेमंत सोरेन ने कहा कि उस समय जब देश में शोषण और अत्याचार के खिलाफ कोई प्रभावी रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था, तब आदिवासी समाज ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा। उन्होंने कहा कि हूल विद्रोह केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि समाज को जागरूक करने और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश भी था।
उन्होंने कहा कि आज भी जब कहीं अन्याय होता है तो संघर्ष की शुरुआत ऐसे ही साहसिक कदमों से होती है।

“क्रांति की आग कभी नहीं बुझती”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि क्रांति की आग को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। यह हमेशा समाज को नई दिशा और ऊर्जा देती है। उन्होंने कहा कि देश के कई शहीद स्मारकों पर निरंतर जलने वाली ज्योति हमें उन वीरों के बलिदान की याद दिलाती है, जिन्होंने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती वीरों और बलिदानियों की भूमि रही है, जिसका इतिहास स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
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समाज को आदर्शों पर चलने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सिदो-कान्हू और अन्य अमर शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के हित में कार्य करना ही इन महान विभूतियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
हूल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया।
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