मतगणना में गलती की तो होगी कार्रवाई, नौकरी पर भी खतरा

पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले प्रशासन और चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, अन्यथा संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नौकरी तक जाने का खतरा शामिल है। हाल के दिनों में ईवीएम सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और मतगणना में अनियमितताओं को लेकर कई आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद निगरानी और कड़ी कर दी गई है। चुनाव आयोग ने अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती भी की है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को तुरंत रोका जा सके। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि यदि मतगणना के दौरान नियमों का पालन नहीं हुआ तो न केवल विभागीय कार्रवाई होगी बल्कि सेवा समाप्ति तक का फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में प्रिसाइडिंग और पोलिंग अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण उन पर कार्रवाई की संभावना जताई गई है।

मतगणना के लिए राज्य में 77 केंद्र बनाए गए हैं। शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना कराने के लिए 165 काउंटिंग ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। इनके अलावा अतिरिक्त ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। कई जगहों पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है और स्ट्रॉन्गरूम के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग का कहना है कि मतगणना से पहले किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति या अवांछित घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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