जमशेदपुर में NGT के आदेश पर स्वर्णरेखा नदी किनारे बने 16 अवैध मकानों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने दो दिन का विशेष अभियान तैयार किया है।
जमशेदपुर: जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी किनारे सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। स्वर्णरेखा नदी अतिक्रमण मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश के बाद नदी किनारे बनाए गए 16 अवैध मकानों को ध्वस्त करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को नोटिस देकर घर खाली करने की अंतिम चेतावनी दी है। दो दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान मानगो नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की जाएगी।

दो दिनों में 16 मकानों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। शुक्रवार को वार्ड नंबर 8 के अंतर्गत ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित चाणक्यपुरी के पास स्वर्णरेखा नदी किनारे बने तीन मकानों को हटाया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए दो मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
इसके बाद शनिवार को वार्ड नंबर 10 स्थित गौड़ बस्ती के पास अभियान चलाया जाएगा। यहां नदी किनारे बनाए गए 13 मकानों को ध्वस्त करने की योजना है। इस तरह दो दिनों में कुल 16 अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
प्रभावित परिवारों को दिया गया नोटिस
उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर मानगो अंचलाधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव ने कार्रवाई से प्रभावित सभी परिवारों को नोटिस तामिला करा दिया है। गुरुवार को अंचलाधिकारी ने स्वयं अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण किया और वहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने की अंतिम चेतावनी दी।
प्रशासन का कहना है कि नोटिस और पूर्व सूचना के बाद प्रभावित लोगों को आवश्यक तैयारी का अवसर दिया गया है। अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
NGT के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
स्वर्णरेखा नदी अतिक्रमण के खिलाफ मौजूदा अभियान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कोलकाता बेंच के आदेश के बाद तेज हुआ है। नदी के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर एनजीटी ने जिला प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
प्रशासन के लिए इस मामले में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि एनजीटी की ओर से मामले की प्रगति को लेकर रिपोर्ट तलब की जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन अब निर्धारित अभियान को पूरा करने की तैयारी में जुटा है।
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अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश
शुक्रवार से शुरू होने वाला अभियान केवल 16 मकानों को हटाने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यह नदी किनारे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के लिए प्रशासन की सख्ती का संकेत भी है। स्वर्णरेखा नदी अतिक्रमण के मामले में एनजीटी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पर कार्रवाई पूरी करने का दबाव भी है।
यदि अभियान निर्धारित योजना के अनुसार पूरा होता है, तो इससे नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था से जुड़े सवाल भी प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण रहेंगे।
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