जामताड़ा समाहरणालय में उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में 54,000 से अधिक ST, SC और OBC छात्रों की प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को स्वीकृति मिली। जानें कक्षावार छात्रवृत्ति दरें और विवरण।
जामताड़ा समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं को प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ समय पर एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना था।

54 हजार से अधिक आवेदनों को मिली मंजूरी बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के छात्रवृत्ति आवेदनों की बिंदुवार गहन समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत 54 हजार से अधिक प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक आवेदनों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (सत्र 2026-27): कुल 52,675 पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदनों को मंजूरी दी गई।
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (सत्र 2025-26): पूर्व सत्र के शेष 1,404 विद्यार्थियों के आवेदनों को स्वीकृति मिली।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (सत्र 2025-26): राज्य के भीतर स्थित 32 विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत 7,270 विद्यार्थियों के आवेदनों को भी भुगतान के लिए स्वीकृत किया गया।
रैंडम वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू उपायुक्त आलोक कुमार ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत प्रस्तुत रैंडम वेरिफिकेशन रिपोर्ट (Random Verification Report) का सूक्ष्म अवलोकन किया। नियमानुसार सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी पाए जाने के बाद समिति ने सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी।
कक्षा के अनुसार छात्रवृत्ति की निर्धारित दरें बैठक में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली राशि की दरों को भी स्पष्ट किया गया:
- कक्षा 1 से 5: ₹1,500 प्रति छात्र
- कक्षा 6 से 8: ₹2,500 प्रति छात्र
- कक्षा 9 और 10: ₹4,500 प्रति छात्र
वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि विभागीय संकल्प और निर्धारित नियमावली के अनुसार विभिन्न शैक्षणिक श्रेणियों के आधार पर दी जाएगी।
लंबित आवेदनों को जल्द पूरा करने के निर्देश उपायुक्त आलोक कुमार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष बचे आवेदनों की सभी औपचारिकताओं को बिना किसी अनावश्यक विलंब के जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र विद्यार्थी प्रशासनिक शिथिलता के कारण अपने अधिकार से वंचित न रहे, ताकि छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद मिल सके।
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