झारखंड बंद का आजसू ने किया समर्थन, धरने पर बैठेंगे सुदेश महतो

NEWS SAGA DESK

झारखंड बंद को आजसू पार्टी ने समर्थन दिया है। सुदेश महतो रांची के बापू वाटिका में धरने पर बैठेंगे। पार्टी ने छात्रों पर लाठीचार्ज की जांच की मांग की है।

झारखंड बंद: छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा की ओर से बुलाए गए झारखंड बंद को आजसू पार्टी ने समर्थन दिया है। आजसू सुप्रीमो और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो बंद के दौरान रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठेंगे। पार्टी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 झारखंड बंद को आजसू पार्टी

आजसू का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करने की अपील की है।

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में उतरी आजसू

झारखंड बंद को समर्थन देने का फैसला आजसू पार्टी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के विरोध में लिया है। पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के बल पर दबाने की कोशिश लोकतंत्र का अपमान है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के सवालों का समाधान लाठी, आंसू गैस और वाटर कैनन के जरिए नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार छात्रों और युवाओं के साथ संवाद, संवेदनशीलता और जवाबदेही के आधार पर व्यवहार किया जाना चाहिए।

सुदेश महतो ने कहा कि राज्य के युवा लंबे समय से अपने भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समाधान की दिशा में कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है।

बापू वाटिका में धरने पर बैठेंगे सुदेश महतो

आजसू प्रमुख सुदेश महतो झारखंड बंद के दौरान रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका पहुंचेंगे। यहां वह महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देंगे।

बापू वाटिका में धरने के जरिए आजसू छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी का यह कदम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।

धरने के दौरान आजसू की ओर से छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।

आजसू ने की लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच की मांग

आजसू पार्टी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए।

पार्टी ने सरकार से यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। आजसू का मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों की बात सुनना भी जरूरी है।

पार्टी ने आंदोलनरत छात्रों के साथ तत्काल सकारात्मक और सम्मानजनक संवाद शुरू करने की मांग भी रखी है।

रोजगार और नियुक्ति व्यवस्था को लेकर सवाल

आजसू अध्यक्ष ने युवाओं के रोजगार और परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा अपने भविष्य को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।

छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए। आजसू का कहना है कि युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान संवाद और जवाबदेही के जरिए ही संभव है।

इस मुद्दे को लेकर झारखंड बंद के दौरान राजनीतिक विरोध और तेज होने की संभावना है। भाजपा के बंद को आजसू का समर्थन मिलने से विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन और व्यापक हो सकता है।

सरकार से क्या-क्या मांग कर रही आजसू?

आजसू पार्टी ने छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच है। पार्टी चाहती है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कौन था।

इसके अलावा आजसू ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई और आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सम्मानजनक बातचीत शुरू करने की मांग की है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर उनके साथ खड़ी है। आजसू के मुताबिक, युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

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राजनीतिक माहौल में बढ़ सकती है सरगर्मी

छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर झारखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा द्वारा बुलाए गए बंद को आजसू के समर्थन से विपक्षी एकजुटता का संकेत भी मिल रहा है।

रांची में सुदेश महतो का धरना इस विरोध का प्रमुख केंद्र रहेगा। ऐसे में झारखंड बंद के दौरान राजधानी समेत राज्य के अन्य हिस्सों में राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।

आजसू ने अपने समर्थन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा। वहीं, पार्टी की ओर से सरकार से संवाद और जांच की मांग भी की गई है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि बंद के दौरान राज्य में स्थिति कैसी रहती है और सरकार छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में विपक्ष की जांच और कार्रवाई की मांग पर क्या रुख अपनाती है।

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