झारखंड मानसून में अगस्त में सुधार हुआ है। 19 अगस्त तक बारिश की कमी घटकर 10% रह गई। पश्चिमी सिंहभूम में 48% अधिक, पाकुड़ में 53% कम बारिश हुई।
रांची: झारखंड में इस साल मानसून की शुरुआत भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही हो, लेकिन अगस्त में बारिश की रफ्तार बढ़ने से तस्वीर में काफी सुधार आया है। झारखंड मानसून के 1 जून से 19 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब बारिश की कमी घटकर महज 10 फीसदी रह गई है। यानी पिछले कुछ हफ्तों में हुई अच्छी बारिश ने शुरुआती कमी को काफी हद तक पाट दिया है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 19 अगस्त के बीच झारखंड में कुल 633.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 700.5 मिलीमीटर माना जाता है। इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से करीब 10 फीसदी कम है। हालांकि, सभी जिलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में अब भी बड़ी कमी बनी हुई है।
पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48% ज्यादा बारिश
राज्य के कुछ जिलों में झारखंड मानसून ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पश्चिमी सिंहभूम सबसे बेहतर स्थिति में है, जहां सामान्य से 48 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा खूंटी में सामान्य से 10 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, रांची में 7 फीसदी, लातेहार में 4 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश हुई है। लोहरदगा में बारिश सामान्य के लगभग बराबर रही है।

इन जिलों में हुई अच्छी बारिश से खेती-किसानी को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर धान की खेती के लिए मानसून की बारिश महत्वपूर्ण होती है।
इन जिलों में कमी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
राज्य के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम जरूर हुई है, लेकिन कमी 20 फीसदी से नीचे है। धनबाद में सामान्य से 7 फीसदी, दुमका में 14 फीसदी, जामताड़ा में 18 फीसदी, रामगढ़ में 14 फीसदी और साहिबगंज में 19 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की सामान्य वर्गीकरण व्यवस्था के हिसाब से इन जिलों में बारिश की कमी जरूर है, लेकिन इन्हें फिलहाल गंभीर वर्षा-कमी वाले क्षेत्र की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। आने वाले दिनों में अगर मानसून सक्रिय रहता है तो इन जिलों में कमी और कम हो सकती है।
11 जिलों में 20% से ज्यादा बारिश की कमी
दूसरी ओर झारखंड के 11 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य बारिश के मुकाबले कमी 20 फीसदी या उससे ज्यादा है। बोकारो में 24 फीसदी, चतरा में 47 फीसदी, देवघर में 46 फीसदी, गढ़वा में 46 फीसदी, गिरिडीह में 36 फीसदी, गोड्डा में 28 फीसदी और गुमला में 21 फीसदी बारिश कम हुई है।
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इसी तरह हजारीबाग में 30 फीसदी, कोडरमा में 44 फीसदी, पाकुड़ में 53 फीसदी और पलामू में 29 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
इनमें पाकुड़ सबसे कमजोर स्थिति में है, जहां सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश हुई है। चतरा और देवघर में भी करीब 46-47 फीसदी की कमी बनी हुई है। इन जिलों में खेती पर बारिश की कमी का असर पड़ा है और किसानों के लिए आने वाले दिनों की बारिश बेहद महत्वपूर्ण होगी।
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