झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी को मंजूरी मिल गई है। कांग्रेस की आपत्तियां खारिज होने के बाद अब बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और नाथवानी के बीच मुकाबला होगा।
News Saga Desk
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को बड़ी राहत मिली है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद उनकी उम्मीदवारी को वैध घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है।
तीन बिंदुओं पर उठी थी आपत्ति
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नाथवानी के नामांकन में कथित तौर पर तीन बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इन आपत्तियों के कारण विधानसभा प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने उनके नामांकन को तत्काल मंजूरी देने के बजाय होल्ड पर रख दिया था।
इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से नाथवानी से संबंधित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया। परिमल नाथवानी द्वारा प्रस्तुत जवाबों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद रिटर्निंग ऑफिसर संतुष्ट हुए और उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया।
कांग्रेस की आपत्तियां भी खारिज
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर भी विचार किया गया। जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया, जिससे परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी पर लगा संशय पूरी तरह समाप्त हो गया।
अब मैदान में तीन उम्मीदवार
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।
- झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम
- कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा
- भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी
सत्ता पक्ष के पास मजबूत संख्या बल
झारखंड विधानसभा के वर्तमान राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। संख्या बल के आधार पर गठबंधन दोनों राज्यसभा सीटों पर जीत दर्ज करने की मजबूत स्थिति में दिखाई देता है।
हालांकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के चुनावी मैदान में बने रहने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग और प्राथमिकता वोटों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नाथवानी के सामने चुनौती
एनडीए के पास विधानसभा में 24 विधायक हैं। ऐसे में परिमल नाथवानी को जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम काफी हद तक प्राथमिकता वोटों, विधायकों की रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करेगा।
सबकी नजरें राज्यसभा चुनाव पर
झारखंड राज्यसभा चुनाव में संख्या बल भले ही महागठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहा हो, लेकिन परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी बरकरार रहने से चुनावी मुकाबले में रोमांच बढ़ गया है। अब राजनीतिक दलों की रणनीति और मतदान के दिन होने वाले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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