Jharkhand Weather के चलते राज्य में वज्रपात और भारी बारिश से 18 लोगों की मौत हुई। मौसम विभाग ने 8 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
Jharkhand Weather ने एक बार फिर राज्य में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। मंगलवार को कई जिलों में दो से तीन घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भारी बारिश के साथ वज्रपात ने बढ़ाई मुश्किलें
मंगलवार दोपहर के बाद रांची, लोहरदगा, कांके, बोकारो, सिमडेगा, मेदिनीनगर और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। लोहरदगा में 46 मिमी, रांची में 35 मिमी और कांके में सबसे अधिक 76 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर में 10 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, खूंटी में 5 मिमी और सिमडेगा में 23 मिमी बारिश हुई।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे लोगों पर वज्रपात सबसे अधिक भारी पड़ा। Jharkhand Weather के बिगड़े हालात ने सामान्य जनजीवन को भी प्रभावित किया है।
कई जिलों में 18 लोगों की दर्दनाक मौत
राज्य के विभिन्न जिलों में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 18 लोगों की जान चली गई। अधिकांश लोग खेतों में कृषि कार्य या धान रोपाई के दौरान बिजली गिरने की चपेट में आए।
पलामू के मोहम्मदगंज में पुष्पा देवी (38) की मौत हो गई। गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में कदरून खातून (45) की जान चली गई। लातेहार में शिवनाथ उरांव की मौत हुई, जबकि निर्मला देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
चंदवा प्रखंड के सुरली गांव में उपेंद्र उरांव (18) की भी वज्रपात से मौत हो गई। दुमका के रामगढ़ क्षेत्र में धान रोपाई कर रही आलतामुनी मरांडी (20) की बिजली गिरने से जान चली गई। इसके अलावा बाबूलाल हेंब्रम (30) और रोहित कुंअर (35) की भी खेत में काम करते समय मौत हो गई।
चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में संजय भुईयां (30) की भी वज्रपात से मौत हुई। वहीं गिरिडीह जिले में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां ठनका गिरने से चार किशोरों सहित 10 लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए।

मानसून के दौरान बढ़ती वज्रपात की घटनाएं
हर वर्ष मानसून के दौरान झारखंड में वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी के दौरान बड़ी संख्या में लोग खुले खेतों में काम करते हैं, जिससे बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना ऐसे हादसों को कम करने में मदद कर सकता है। Jharkhand Weather के मौजूदा हालात भी यही संकेत देते हैं कि सावधानी बेहद जरूरी है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी वर्षा की संभावना है।
6 अगस्त को रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा में भी भारी बारिश तथा वज्रपात का खतरा जताया गया है। वहीं 7 अगस्त को रांची, खूंटी, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, पलामू, गढ़वा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में भी अलर्ट जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।
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यदि तेज गरज या बिजली चमकने लगे तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी लोगों से मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है। लगातार बदलते Jharkhand Weather को देखते हुए अगले कुछ दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में समय पर जारी चेतावनियों का पालन करना और सुरक्षा उपाय अपनाना ही जान-माल के नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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