झारखंड में ठंड ने दी दस्तक। लातेहार का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज। जानें मौसम विभाग का पूर्वानुमान, बारिश के आसार और तापमान में उतार-चढ़ाव की पूरी जानकारी।
झारखंड में मानसून की विदाई के साथ ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। राज्यभर में अब शाम ढलते ही हल्की ठंड और सुबह-सुबह सिहरन का अहसास होने लगा है। कई जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को ‘गुलाबी ठंड’ का अहसास होने लगा है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी कड़ाके की ठंड के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, लेकिन मौसम में हो रहे ये बदलाव इस बात का संकेत दे रहे हैं कि सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे अपनी दस्तक दे रहा है।

लातेहार में सबसे कम 13 डिग्री सेल्सियस तापमान
राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान तेजी से नीचे आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड में सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार जिले में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई इस भारी गिरावट के कारण लातेहार और आसपास के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के समय अच्छी-खासी ठंड महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आसमान के पूरी तरह साफ रहने के कारण रात के समय तापमान में यह गिरावट तेजी से दर्ज हो रही है। दिन के समय सूरज की धूप से धरती गर्म होती है, लेकिन रात होते ही वह गर्मी तेजी से वायुमंडल में घुल जाती है, जिससे न्यूनतम तापमान नीचे आ जाता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 26 अक्टूबर तक झारखंड के कई इलाकों में सुबह के समय हल्का धुंध और कुहासा छाया रह सकता है। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में सुबह की दृश्यता थोड़ी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा और तेज धूप खिलेगी। अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन इसके बाद पारे में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
27 और 28 अक्टूबर को बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। राज्य में 27 और 28 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की पूरी संभावना है। इस दौरान विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।
मौसम में इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी (मॉइश्चर) और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों को माना जा रहा है। बारिश के बाद आसमान में बादल और सुबह के वक्त घना कुहासा देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि बारिश होने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में ठंड का अहसास और अधिक बढ़ जाएगा।
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