जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, 18 ठिकानों पर छापेमारी

NEWS SAGA DESK

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने रांची समेत 5 जिलों के 18 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में OMR शीट, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए।

झारखंड में जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में राज्य की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने सोमवार तड़के रांची, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और धनबाद जिलों के कुल 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जेपीएससी परीक्षा अनियमितता से जुड़े इस अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अभ्यर्थियों से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इस कार्रवाई को जांच के लिहाज से अब तक के सबसे अहम कदमों में माना जा रहा है।

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता को लेकर लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी। शिकायतों के आधार पर CID इस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि कथित अनियमितताओं की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस मामले में कई व्यक्तियों और संस्थानों के बीच आपसी संपर्क की भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर अलग-अलग जिलों में एक साथ छापेमारी की गई।

किन-किन स्थानों पर हुई छापेमारी

CID की टीम ने रांची, बोकारो, पलामू, धनबाद और हजारीबाग के कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की।

रांची में लालपुर स्थित पतंजलि एकेडमी और उससे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई। इसके अलावा धुर्वा सेक्टर-2 और नामकुम स्थित आवासों पर भी जांच टीम पहुंची।

बोकारो में सेक्टर-3सी स्थित सनत प्रकाश के आवास पर छापेमारी की गई। वहीं पलामू के डालटनगंज और नौडीहा बाजार क्षेत्र में कोचिंग संचालकों तथा एक शिक्षक के परिसरों की जांच हुई।

धनबाद में सरायढेला थाना क्षेत्र, हाउसिंग कॉलोनी और अन्य स्थानों पर कार्रवाई की गई। हजारीबाग में भी संदिग्ध व्यक्तियों के आवासों की तलाशी ली गई।

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता

सुबह 2 बजे से 6 बजे तक चला अभियान

CID की यह विशेष कार्रवाई सोमवार तड़के करीब 2:00 बजे शुरू हुई और सुबह लगभग 6:00 बजे तक चली। जांच टीम ने विभिन्न स्थानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, मार्कशीट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने देवघर स्थित अभय तिवारी के आवास की भी तलाशी ली। वहीं उसके रिश्तेदार सौरव की तलाश भी की गई, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला।

OMR शीट से जुड़े आरोप

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, कुछ OMR शीट कथित रूप से पहले एक कोचिंग संस्थान लाई जाती थीं। वहां प्रश्नों के सही उत्तर तैयार किए जाने के बाद अन्य OMR शीट उसी आधार पर भरे जाने का आरोप है।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल CID जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

जांच का संभावित प्रभाव

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता की जांच का असर उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है जिन्होंने संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया था। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित परीक्षाओं, चयन प्रक्रिया या आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। छापेमारी पूरी होने के बावजूद CID की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एजेंसी ने केवल जांच प्रक्रिया जारी रहने का संकेत दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी परीक्षा को रद्द करने या चयन प्रक्रिया में तत्काल बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।

यदि जांच में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाता है, तो उसकी जानकारी संबंधित सरकारी विभाग और झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। फिलहाल जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

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