JPSC जांच में पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते से CID ने चौथी बार पूछताछ शुरू की। दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और आरोपियों के बयानों का मिलान होगा।
News Saga Desk
झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच अब एक अहम दौर में पहुंचती दिख रही है। JPSC जांच के तहत आयोग के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते सोमवार को रांची स्थित CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे चौथी बार पूछताछ शुरू हो गई है। जांच एजेंसी ने उन्हें पहले ही सोमवार को पेश होने के लिए समन जारी किया था। इस बार की पूछताछ को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों और शिक्षकों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब पूर्व चेयरमैन से सवाल किए जा रहे हैं। JPSC जांच में CID की कोशिश है कि अलग-अलग लोगों से मिले बयानों और बरामद साक्ष्यों को आपस में जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट की जा सके।
एल खियांग्ते से चौथी बार पूछताछ
सोमवार को पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते CID मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की। यह चौथा मौका है जब CID उनसे इस मामले में सवाल कर रही है।

इस बार पूछताछ का फोकस पहले दिए गए जवाबों और हाल में जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के बीच समानता और अंतर को समझने पर है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में उनकी भूमिका और जानकारी क्या थी।
JPSC जांच में चौथी पूछताछ को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अब जांच एजेंसी के पास पहले की तुलना में अधिक दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मौजूद है।
कोचिंग संस्थानों पर हुई थी छापेमारी
इस मामले में CID और रांची पुलिस ने हाल में कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों और शिक्षकों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इन सामग्रियों से परीक्षा अनियमितता से जुड़े घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। बरामद सामग्री की तकनीकी और दस्तावेजी जांच के आधार पर पूछताछ का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
अब इन साक्ष्यों को पूर्व चेयरमैन के पहले दिए गए बयानों से मिलाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जांच में सामने आए तथ्य एक-दूसरे से कितने मेल खाते हैं।
आरोपियों के बयानों से मिलान
सूत्रों के मुताबिक, CID ने पहले रिमांड पर लिए गए आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो जानकारी दी, उसका मिलान एल खियांग्ते की ओर से पहले दिए गए जवाबों से किया जा रहा है।
जांच अधिकारियों के लिए यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी विरोधाभास की स्थिति में संबंधित व्यक्ति से दोबारा सवाल किए जा सकते हैं। JPSC जांच में अब दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों को एक साथ रखकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
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डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी पड़ताल
पूछताछ के दौरान जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल सामग्री की भूमिका भी अहम हो सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह का संपर्क या जानकारी का आदान-प्रदान हुआ था या नहीं।
डिजिटल साक्ष्यों से प्राप्त जानकारी को आरोपियों और अन्य संबंधित लोगों के बयानों के साथ मिलाया जा सकता है। यदि कोई महत्वपूर्ण विसंगति सामने आती है तो CID आगे पूछताछ या कार्रवाई कर सकती है।
JPSC जांच के इस चरण में CID की कोशिश मामले से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ने की है। जांच एजेंसी पहले ही कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई भी कर चुकी है।
अब पूर्व चेयरमैन से चौथी पूछताछ के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं, तो जांच का रुख आगे बदल सकता है। इसके अलावा जब्त दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच से भी अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।
CID ने पूर्व चेयरमैन को पहले ही सोमवार को पेश होने के लिए समन जारी किया था। अब जांच एजेंसी की कोशिश है कि सभी तथ्यों को जोड़कर मामले की पूरी तस्वीर सामने लाई जाए। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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