JPSC और JSSC कर्मियों की सेवा-शर्तों व नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए झारखंड सरकार ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
रांची: झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC में पदस्थापित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा-शर्तों और नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 25 अगस्त 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। समिति का गठन मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद किया गया है।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, समिति दोनों आयोगों की संवैधानिक और वैधानिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए उनकी आंतरिक सेवा व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया का अध्ययन करेगी। समीक्षा पूरी होने के बाद समिति आवश्यक अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी।
तीन सदस्यीय समिति करेगी समीक्षा
JPSC और JSSC की सेवा-व्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित समिति की अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे। समिति में कार्मिक सचिव और वित्त सचिव को सदस्य बनाया गया है।
इस तरह समिति में प्रशासनिक, कार्मिक और वित्तीय मामलों से जुड़े राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उम्मीद है कि समिति दोनों आयोगों में कर्मचारियों से जुड़े सेवा मामलों के साथ नियुक्ति प्रक्रिया के प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं का भी अध्ययन करेगी।
सरकार की अधिसूचना में समिति के कार्यक्षेत्र को व्यापक रखा गया है, ताकि दोनों आयोगों की मौजूदा व्यवस्था का समग्र मूल्यांकन किया जा सके।
सेवा-शर्तों का किया जाएगा अध्ययन
समिति का एक प्रमुख कार्य JPSC और JSSC में पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा-शर्तों की समीक्षा करना है। इसमें कर्मचारियों की सेवा से जुड़े मौजूदा नियमों और व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा।
समिति यह देखेगी कि वर्तमान सेवा-शर्तें प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप हैं या नहीं और इनमें किसी तरह के सुधार की आवश्यकता है या नहीं। इसके बाद समिति सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगी।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर सेवा-शर्तों में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे। इस संबंध में निर्णय समिति की समीक्षा और सरकार के बाद के आदेशों पर निर्भर करेगा। उच्च स्तरीय समिति को केवल कर्मचारियों की सेवा-शर्तों तक सीमित नहीं रखा गया है। दोनों आयोगों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।
JPSC और JSSC राज्य में अलग-अलग सरकारी पदों के लिए चयन प्रक्रिया संचालित करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, स्पष्टता और प्रशासनिक दक्षता महत्वपूर्ण मानी जाती है। समिति मौजूदा नियुक्ति प्रक्रिया का अध्ययन करके आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव दे सकती है। हालांकि, अधिसूचना में नियुक्ति प्रक्रिया में तत्काल किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
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आयोगों की स्वायत्तता रहेगी बरकरार
सरकार ने अधिसूचना में यह स्पष्ट किया है कि समिति का गठन दोनों आयोगों की संवैधानिक और वैधानिक स्वायत्तता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
JPSC एक संवैधानिक संस्था है, जबकि JSSC का गठन राज्य कानून के तहत हुआ है। ऐसे में दोनों संस्थाओं की स्वतंत्र कार्यप्रणाली को बनाए रखते हुए समीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
समिति की भूमिका मुख्य रूप से समीक्षा और अनुशंसा तक सीमित रहेगी। अंतिम निर्णय सरकार द्वारा संबंधित नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत लिया जाएगा।
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