JPSC नियुक्ति घोटाला जांच में ACF-FRO की कॉपियां बाहर लिखवाने और OMR बदलने के आरोप सामने आए हैं। CID एक्सपर्ट्स की तलाश और पूछताछ कर रही है।
झारखंड में JPSC नियुक्ति घोटाला मामले की जांच अब एक बार फिर तेज हो गई है। CID की नये सिरे से चल रही जांच में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ACF और FRO मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर और बाहर से जवाब लिखवाने के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसी को गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई एक्सपर्ट शिक्षकों, प्रोफेसरों और साल्वरों के बारे में जानकारी मिली है। आरोप है कि इन लोगों को हरियाणा, लखनऊ, पंजाब और दिल्ली से रांची तथा हजारीबाग बुलाया गया था।

स्ट्रांग रूम से कॉपियां निकालने का आरोप
JPSC नियुक्ति घोटाला की जांच में सामने आये बयानों के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा के बाद JPSC के स्ट्रांग रूम से कथित तौर पर बाहर निकाली जाती थीं। आरोप है कि जिन अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब नहीं आते थे, उनकी कॉपियां एक्सपर्ट्स तक पहुंचायी जाती थीं। वहां मॉडल आंसर के आधार पर उत्तर लिखे जाने के बाद कॉपियां वापस स्ट्रांग रूम में जमा कराने की बात कही गयी है।
जांच एजेंसी अब इस कथित नेटवर्क में शामिल बाहरी एक्सपर्ट्स की पहचान और भूमिका की पुष्टि करने में जुटी है। CID को पूछताछ में करीब छह से नौ संदिग्ध लोगों के नाम मिलने की जानकारी सामने आयी है। इन नामों का सत्यापन किया जा रहा है।
दिल्ली और लखनऊ तक CID की कार्रवाई
मामले की जांच अब झारखंड से बाहर भी पहुंच गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक, CID की टीमें दिल्ली और लखनऊ में संदिग्ध एक्सपर्ट्स की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर परीक्षा की कॉपियां लिखने वाले लोग कौन थे और उन्हें किसके माध्यम से बुलाया गया था।जांच का एक अहम पहलू आर्थिक लेनदेन भी है। CID यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर प्रत्येक अभ्यर्थी से कितनी रकम ली जाती थी और एक्सपर्ट्स को उनके काम के बदले कितना भुगतान किया जाता था।
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आरोपी उस्मान के कथित बयान के अनुसार, करीब 100 अभ्यर्थियों को अनुचित माध्यम से FRO और ACF परीक्षा पास कराने की बात सामने आयी है। हालांकि, यह संख्या जांच के दौरान सत्यापित किया जाना बाकी है।रामवीर के कथित बयान में प्रति अभ्यर्थी 8 से 10 लाख रुपये तक की रकम तय होने का दावा किया गया है। उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि कुछ अभ्यर्थियों का काम पूरा कराया गया और इसके बदले बड़ी रकम नकद दी गयी। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के पेपर रांची और हजारीबाग में बाहर लिखे जाने तथा खाली छोड़ी गयी OMR शीट भरने के लिए लखनऊ और दिल्ली से टीम बुलाये जाने का भी आरोप लगाया गया है।
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