News Saga Desk
चाईबासा: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर झारखंड में विरोध खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को भारतीय ओबीसी विचार मंच, जमशेदपुर के पदाधिकारियों ने चाईबासा में डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इसे जल्दबाजी में लिया गया और न्यायसंगत नहीं कदम बताया।
मंच ने सवाल उठाया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी 31 साल पुराने मामले में क्यों अचानक हुई। उनका कहना है कि इससे न्याय प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठते हैं और एक लोकप्रिय सांसद की छवि प्रभावित होती है। संगठन ने यह भी कहा कि अगर मामला गंभीर था तो इतने सालों तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ज्ञापन में पप्पू यादव को छह बार चुना गया सांसद बताते हुए उन्हें जनता का लोकप्रिय नेता और संघर्षशील बताया गया। मंच ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया और जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। उनके समर्थकों में नाराजगी है और कई लोग इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देख रहे हैं।
संगठन ने बताया कि सांसद का अपने क्षेत्र से दूर होना सीधे तौर पर जनता के कामकाज को प्रभावित करता है। लोग यह सोच रहे हैं कि अब उनके क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों को कौन उठाएगा।
भारतीय ओबीसी विचार मंच ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर न्याय सुनिश्चित किया जाए और पप्पू यादव को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
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