**रांची रथ मेला 2026 में तोते, कुत्ते, पक्षियों और घरेलू सामान की बिक्री चर्चा में है। जानिए कीमतें, लोगों की भीड़, प्रशासन की जानकारी और मेले की खास बातें।
रांची रथ मेला 2026 इस बार सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि पालतू पक्षियों, कुत्तों और घरेलू सामान की बिक्री के कारण भी चर्चा में है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लगने वाला यह पारंपरिक मेला इस बार अपनी अनोखी दुकानों और आकर्षक वस्तुओं के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। मेले में दूर-दूर से आए व्यापारी विभिन्न प्रकार के पक्षी, पालतू जानवर और घरेलू उपयोग की वस्तुएं बेच रहे हैं। यही वजह है कि रांची रथ मेला 2026 में खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है।

रांची रथ मेला 2026 में पालतू पक्षियों और जानवरों की बढ़ी मांग
मेले में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रंग-बिरंगे तोते और विभिन्न नस्लों के पालतू कुत्ते बने हुए हैं। दुकानदारों के अनुसार बड़ा तोता 3,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध है। वहीं छोटा तोता 500 से 600 रुपये प्रति पीस में बेचा जा रहा है। इसके अलावा ललमुनिया पक्षी की एक जोड़ी 250 से 300 रुपये में मिल रही है।
पालतू जानवरों और पक्षियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कई परिवार अपने बच्चों के साथ इन पक्षियों और पालतू जानवरों के बारे में जानकारी लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि खरीदारी से पहले लोग इनके रखरखाव और देखभाल से जुड़ी जानकारी भी दुकानदारों से प्राप्त कर रहे हैं।
घरेलू सामान की भी अच्छी बिक्री
रांची रथ मेला 2026 में केवल पालतू जानवर ही नहीं बल्कि रोजमर्रा के उपयोग का सामान भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। कम कीमत में उपलब्ध वस्तुओं की वजह से खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
मेले में उपलब्ध प्रमुख सामान और उनकी कीमतें इस प्रकार हैं—
- पैर पोछना – 100 रुपये में 4 पीस
- साड़ी – 99 से 150 रुपये
- मोर पंख – 10 रुपये प्रति पीस
- मोर पंखा – 60 से 80 रुपये
- छाता – 100 रुपये
- मछली पकड़ने का जाल – 800 से 1000 रुपये
- बंशी – 100 से 250 रुपये
- चकला-बेलन – 100 से 150 रुपये
- गमछा – 50 से 100 रुपये
कम कीमत और विविधता के कारण इन वस्तुओं की बिक्री भी अच्छी बताई जा रही है।
धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक महत्व
रांची रथ मेला 2026 केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी बेहद महत्वपूर्ण है। रथ मेला के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक ‘मौर’ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद मौर को मेले में स्थापित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर दक्षिणा भी अर्पित की।
मालाकार समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई। मेले के विभिन्न हिस्सों में मौर पूजा के आयोजन ने धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।

पृष्ठभूमि
रांची का रथ मेला झारखंड के सबसे पुराने और लोकप्रिय मेलों में गिना जाता है। हर वर्ष रथ यात्रा के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र होता है। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, मनोरंजन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने पहुंचते हैं। यही वजह है कि रांची रथ मेला 2026 स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रभाव
इस बार मेले में पालतू पक्षियों और जानवरों की बिक्री ने स्थानीय व्यापारियों के कारोबार को बढ़ावा दिया है। वहीं घरेलू सामान की सस्ती कीमतों का लाभ आम लोगों को भी मिल रहा है। मेले में बढ़ती भीड़ से छोटे दुकानदारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की आय में भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
हालांकि पशु-पक्षियों की खरीदारी करने वाले लोगों को उनके रखरखाव, स्वास्थ्य और संबंधित कानूनी नियमों की जानकारी रखना भी आवश्यक है।
आधिकारिक जानकारी
मेले के आयोजन से जुड़े स्थानीय प्रबंधन और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि खरीदारी के दौरान सावधानी बरतें, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें और केवल स्वस्थ एवं वैध रूप से उपलब्ध पशु-पक्षियों की ही खरीदारी करें। साथ ही मेले में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
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आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
यदि आप रांची रथ मेला 2026 घूमने की योजना बना रहे हैं तो खरीदारी से पहले वस्तुओं की गुणवत्ता और कीमत की अच्छी तरह जांच करें। पालतू पक्षी या जानवर खरीदने से पहले उनकी देखभाल, भोजन और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अवश्य लें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सस्ती खरीदारी का अनूठा संगम इस बार भी रांची रथ मेला को लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा है।
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