रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की गोली मारकर हत्या। अरगोड़ा अंचल में थे कार्यरत। पुलिस जांच में जुटी। पढ़ें पूरी खबर।
झारखंड की राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नामकुम थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक राजस्व कर्मचारी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से न केवल इलाके में हड़कंप मच गया है, बल्कि सरकारी महकमों और प्रशासनिक हलकों में भी भारी रोष और दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान लक्ष्मी नारायण मुंडा के रूप में हुई है, जो रांची के अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी (Revenue Employee) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

तेतरी बाधवा स्कूल के पीछे हुई वारदात प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा नामकुम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तेतरी बाधवा स्कूल के पीछे रहते थे। बताया जा रहा है कि अज्ञात अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें अपना निशाना बनाया। अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही स्थिति गंभीर हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बेखौफ अपराधी मौके से आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और तुरंत नामकुम थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ।
हत्या के पीछे की वजह अब तक रहस्य लक्ष्मी नारायण मुंडा की हत्या किन परिस्थितियों में और किस रंजिश के तहत की गई है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। पुलिस के लिए यह गुत्थी अभी भी अनसुनी और उलझी हुई है। शुरुआती जांच में पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी पड़ताल आगे बढ़ा रही है। इनमें जमीन विवाद (Land Dispute) का एंगल सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि राजस्व कर्मचारी होने के नाते उनका पाला अक्सर भूमि से जुड़े मामलों और विवादों से पड़ता था। इसके अलावा, आपसी रंजिश, पेशेवर दुश्मनी या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से इस वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस हर संभावित बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है, हालांकि अब तक हत्या के असली कारणों को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस और तेज की गई दबिश घटना के तुरंत बाद से ही रांची पुलिस और फॉरेंसिक टीम एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों, फिंगरप्रिंट्स और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) के फुटेज को खंगालने में जुटी है। अज्ञात अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करने और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा, पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक वारदात में किसी परिचित व्यक्ति या करीबी की कोई भूमिका तो नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से अपराधियों की सुरागरसी की जा रही है।
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