संसद का मानसून सत्र: लोकसभा-राज्यसभा तीसरी बार स्थगित, गतिरोध जारी

NEWS SAGA DESK
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो सका। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही तीसरी बार स्थगित करनी पड़ी। इस बीच सरकार ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया। यह विधेयक प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा है।

वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को विचार और पारित करने के लिए पेश किया। हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।

पेपर लीक संशोधन बिल लोकसभा में पेश

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया। सरकार का कहना है कि इस विधेयक के जरिए सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित तरीकों से निपटने के लिए कानूनी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।

देश में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार इस विधेयक के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने का दावा कर रही है।

अब विधेयक पर सदन में चर्चा और आगे की विधायी प्रक्रिया होनी है। हालांकि, विपक्ष के विरोध के कारण सोमवार को इस पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।

पेपर लीक बिल पर विपक्ष के हंगामे पर रिजिजू ने उठाया सवाल

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल’ पर चर्चा को लेकर विपक्ष हंगामा क्यों कर रहा है।

रिजिजू ने कहा कि देश के युवाओं की नजर इस विधेयक पर है और सरकार चाहती है कि परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा हो।

हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा विधेयक पेश

राज्यसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ विचार और पारित करने के लिए पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन करना है।

हालांकि, सदन में विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ सकी।

छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा विपक्ष

संसद में विपक्ष ने छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसके लिए प्रधानमंत्री और सरकार को माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि छात्रों में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए।

पवन खेड़ा ने गृह मंत्री से जवाब की मांग की

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह मंत्री इस मामले पर जवाब नहीं देते, विपक्ष अपनी मांग उठाता रहेगा। उन्होंने 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।

खेड़ा ने महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल किए गए साधनों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।

डिंपल यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भी छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासन में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की घटनाएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने दिल्ली में कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल और बिहार में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आरोपों का जिक्र करते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया।

बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया युवाओं के भविष्य को नजरअंदाज करने का आरोप

वहीं, एलजेपी (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को मजबूत करने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल लेकर आई है।

शांभवी चौधरी के मुताबिक, एनडीए सांसद इस विधेयक पर चर्चा चाहते हैं और सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक एजेंडे के कारण विधेयक पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया।

तीसरी बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही

पेपर लीक, छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के कारण मानसून सत्र में लगातार गतिरोध देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई।

अब सरकार के सामने महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें आगे बढ़ाने की चुनौती है, जबकि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में मानसून सत्र के अगले दिनों में भी सदन के भीतर टकराव जारी रहने के आसार हैं।

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