बिहार के सुपौल में परसरमा चौक से चिकनी-सिंहेश्वर तक सड़क चौड़ीकरण की मांग

बिहार के सुपौल में परसरमा चौक से बरुआरी होते हुए चिकनी-सिंहेश्वर तक सड़क चौड़ीकरण की मांग उठी। डीएम को ज्ञापन देकर सुरक्षित आवागमन के लिए पहल की अपील की गई।

News Saga Desk

सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में परसरमा चौक से बरुआरी होते हुए चिकनी-सिंहेश्वर तक जाने वाली मुख्य सड़क के चौड़ीकरण की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। लोगों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण रोजाना आवागमन करने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संकरी सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। हाल ही में गंगा पट्टी गांव के पास बस की ठोकर से एक महिला की मौत की घटना के बाद सड़क सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क क्षेत्र के लोगों के दैनिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा चौड़ाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई गई मांग पर संबंधित विभाग की ओर से पहल किए जाने की अपेक्षा जताई जा रही है।

परसरमा चौक से चिकनी-सिंहेश्वर तक सड़क चौड़ी करने की मांग

परसरमा चौक से बरुआरी होते हुए चिकनी-सिंहेश्वर तक जाने वाली मुख्य सड़क के चौड़ीकरण को लेकर जिला पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया है। इसमें सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की अपील की गई है।

मांग पत्र में कहा गया है कि सड़क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और लोग आवागमन करते हैं। सड़क संकरी होने के कारण वाहनों को एक-दूसरे के पास से गुजरने में परेशानी होती है। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी जोखिम बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क का चौड़ीकरण होने से आवागमन अधिक सुगम हो सकता है। साथ ही, वाहनों को पर्याप्त जगह मिलने से सड़क पर होने वाली असुविधा कम करने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से प्रशासन से जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

संकरी सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा

सड़क की कम चौड़ाई को लेकर सबसे बड़ी चिंता दुर्घटनाओं की आशंका है। मांग पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं होने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। संकरी सड़क पर वाहनों और पैदल राहगीरों के एक साथ गुजरने के दौरान जोखिम बढ़ सकता है।

खासतौर पर अधिक यातायात वाले हिस्सों में बसों और अन्य बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान पैदल चलने वालों तथा छोटे वाहनों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। यदि सड़क पर पर्याप्त जगह नहीं हो, तो वाहनों को एक-दूसरे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।

सुपौल

हालांकि, सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का आकलन भी जरूरी है। सड़क की स्थिति, यातायात का दबाव, संकेतक, गति नियंत्रण और पैदल राहगीरों के लिए उपलब्ध जगह जैसे पहलुओं पर ध्यान देने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।

इसे भी देखे- झारखंड में 6101 शिक्षकों की भर्ती! JSSC ने जारी किया नोटिफिकेशन | Teacher Vacancy 2026

गंगा पट्टी गांव के पास महिला की मौत का जिक्र

सड़क चौड़ीकरण की मांग के समर्थन में हाल ही में हुई एक दुर्घटना का भी उल्लेख किया गया है। मांग पत्र के अनुसार, गंगा पट्टी गांव के पास बस की ठोकर से एक महिला की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

महिला की मौत की घटना ने इस मार्ग पर यातायात सुरक्षा के इंतजामों की जरूरत को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क को चौड़ा करने से वाहनों की आवाजाही में सुविधा हो सकती है और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, केवल सड़क चौड़ीकरण से सभी दुर्घटनाओं को रोकने की गारंटी नहीं दी जा सकती। इसके साथ वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना, निर्धारित गति से वाहन चलाना और पैदल राहगीरों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। दुर्घटनाओं की जांच और स्थानीय परिस्थितियों के आकलन के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय तय किए जा सकते हैं।

Read More News

तंग गलियों से दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेगी मदद, रांची को मिलेगी नमो जीवन रक्षक बाइक एम्बुलेंस

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज और सुलभ बनाने के उद्देश्य से रांची में ‘नमो जीवन रक्षक बाइक...

Read More