स.शि.वि. मंदिर, बाघमारा में वीर बाल दिवस का आयोजन

NEWS SAGA DESK
बाघमारा। स.शि.वि. मंदिर, बाघमारा में वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वीर बाल योद्धाओं को नमन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार झा ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनके चारों पुत्रों ने भी मातृभूमि और धर्म की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह के पुत्र जोरावर सिंह और फतेह सिंह के त्याग और बलिदान की स्मृति में ही प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह और उनके चारों पुत्रों ने अपनी बहादुरी और आदर्शों से लाखों लोगों को प्रेरणा दी और कभी भी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया। भारत भूमि सदा से वीर पुत्रों की भूमि रही है, जिस पर भारत माता को गर्व है। हम सभी भारतीयों को उनकी महान शहादत को सदैव स्मरण रखना चाहिए।
कार्यक्रम की इसी कड़ी में आचार्य जयशंकर पांडेय ने वीरता के प्रतीक जोरावर सिंह और फतेह सिंह को नमन करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह और उनके चारों पुत्र सिख धर्म के सबसे सम्मानित शहीदों में से हैं और उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने भी वीर बालकों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता की कहानियां प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य सुभाष चौधरी, राजेश कुमार, शंभू शरण, नवीन कुमार मिश्रा सहित अन्य आचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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