स्वर्णरेखा नदी तट पर मिला द्वितीय विश्व युद्ध का बम निष्क्रिय, इलाके में लौटी सामान्य स्थिति

News Saga Desk

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित पानीपड़ा-नागुइसाई के पास स्वर्णरेखा नदी तट पर मिला द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बम भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया है। बुधवार को सेना के विशेषज्ञों ने करीब 227 किलोग्राम वजनी इस बम को एक जटिल ऑपरेशन के जरिए डिफ्यूज किया, जिससे क्षेत्र में फैली दहशत खत्म हो गई।

यूएसए एएनएम-64 मार्का के इस अमेरिकी बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना ने विशेष रणनीति अपनाई। बम को लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में रखकर चारों ओर बालू की बोरियों से ढंका गया, ताकि विस्फोट का प्रभाव सीमित रहे। सुरक्षा के मद्देनजर एक किलोमीटर के दायरे को खाली कराया गया और बंगाल-झारखंड सीमा पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।

इस संवेदनशील मिशन का नेतृत्व कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में संपन्न हुई। कलाइकुंडा एयरबेस के साथ समन्वय स्थापित कर सेना ने सुरक्षित दूरी से डेटोनेटर के जरिए नियंत्रित विस्फोट किया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के क्षेत्रों में इसकी गूंज महसूस की गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गिराया गया था, जो वर्षों से नदी की रेत में दबा हुआ था। 15 अप्रैल को यह अचानक सतह पर दिखाई दिया, जिसके बाद बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाह ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी। पिछले चार दिनों से सेना की टीम लगातार निगरानी और सुरक्षा जांच में जुटी हुई थी।

बम के निष्क्रिय होने के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इस क्षेत्र में दूसरी बार युद्धकालीन बम मिलने की घटना सामने आई है, जो इलाके के ऐतिहासिक महत्व की ओर भी संकेत करती है। फिलहाल पुलिस ने लोगों को नदी के उस हिस्से से दूर रहने की सलाह दी है, जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती।

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