अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर जताई चिंता

अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता जताई। सिलीगुड़ी में उन्होंने नशे के बढ़ते प्रभाव और युवाओं को लेकर भी बयान दिया।

News Saga Desk

पश्चिम बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। सिलीगुड़ी दौरा समाप्त कर सोमवार को कोलकाता रवाना होने से पहले बागडोगरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं को अपने धर्म का पालन करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लेखिका तसलीमा नसरीन की ‘एक देश, एक कानून’ से जुड़ी टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह टिप्पणी वहां अल्पसंख्यकों के साथ हुए कथित अन्याय के संदर्भ में की गई है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि तसलीमा नसरीन ने जिस मुद्दे को उठाया है, उसका संबंध बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति से है। उनके अनुसार, हिंदुओं के सामने धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों पर आवाज उठाना जरूरी है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता

बागडोगरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर अपनी चिंता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में अल्पसंख्यकों को अपने धर्म और संस्कृति का पालन करने का अधिकार होना चाहिए।

मंत्री ने तसलीमा नसरीन की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि ‘एक देश, एक कानून’ की बात वहां अल्पसंख्यकों के साथ कथित अन्याय के संदर्भ में सामने आई है। उनका कहना था कि यदि किसी समुदाय को अपने धार्मिक अधिकारों के इस्तेमाल में कठिनाई होती है, तो यह चिंता का विषय है।

हालांकि, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक पक्षों की अलग-अलग राय रही है। ऐसे में मंत्री के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

मालदा में नकदी बरामदगी पर भी बोलीं मंत्री

बातचीत के दौरान मालदा में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले पर भी अग्निमित्रा पॉल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कोई नया कारोबार नहीं बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं।

 अग्निमित्रा पॉल

मंत्री के बयान के बाद मालदा में नकदी बरामदगी का मामला भी राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि बरामद नकदी के स्रोत और उससे जुड़े लोगों के बारे में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

सिलीगुड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे का खतरा

अग्निमित्रा पॉल ने सिलीगुड़ी और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते नशे के खतरे को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है।

मंत्री ने बताया कि उन्हें कई लोगों से शिकायतें मिली हैं कि अच्छे परिवारों के बेटे और बेटियां भी नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। उनके मुताबिक, यह समस्या केवल किसी एक वर्ग या आर्थिक स्थिति वाले परिवार तक सीमित नहीं रह गई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘नशा-मुक्त भारत’ संदेश का भी उल्लेख किया और कहा कि नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है।

15 वर्षों में बढ़ी समस्या का दावा

मंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की समस्या एक-दो दिन में पैदा नहीं हुई है। उनके अनुसार, यह स्थिति पिछले करीब 15 वर्षों में विकसित हुई है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि उनकी सरकार को अभी केवल ढाई महीने हुए हैं। ऐसे में इस गंभीर समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय और लगातार प्रयास दोनों की जरूरत होगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार नशे के खिलाफ गंभीर कदम उठाने की दिशा में काम करेगी।

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युवाओं को नशे से बचाने पर जोर

नशे के सामाजिक प्रभाव को समझाते हुए मंत्री ने इसकी तुलना परिवार और देश को कमजोर करने की रणनीति से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी परिवार को कमजोर करने के लिए उसके बच्चों को निशाना बनाया जाता है, उसी तरह देश को कमजोर करने के लिए युवाओं को नशे की ओर धकेला जा सकता है।

उनका यह बयान युवाओं को नशे से दूर रखने और परिवारों को इस खतरे के प्रति जागरूक करने की जरूरत पर केंद्रित रहा। उन्होंने संकेत दिया कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परिवार, समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।

सिलीगुड़ी की भौगोलिक स्थिति और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी और इसके इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती है। ऐसे में मंत्री का बयान इस मुद्दे को राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकता के रूप में सामने लाता है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की समस्या दोनों ही पश्चिम बंगाल के लिए संवेदनशील मुद्दे हैं। एक ओर धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बयान राजनीतिक बहस को प्रभावित कर सकते हैं, वहीं नशे की बढ़ती समस्या का सीधा असर युवाओं, परिवारों और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ता है।

बागडोगरा हवाई अड्डे पर दिए बयान में अग्निमित्रा पॉल ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति, मालदा में नकदी बरामदगी और सिलीगुड़ी में बढ़ते नशे के खतरे पर अपनी बात रखी। नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार की ओर से गंभीर प्रयास किए जाने की बात कही गई है। वहीं, बांग्लादेश से जुड़े दावों और मालदा नकदी मामले में संबंधित जांच और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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