आदिवासी समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं : बाबूलाल मरांडी

रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के तहत आदिवासी समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भाजपा इसे सफल नहीं होने देगी।

मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू परंपराओं में मूल रूप से काफी समानताएं हैं। तीनों परंपराएं प्रकृति पूजा से जुड़ी हैं, जहां पेड़, पहाड़, पत्थर, जल और धरती माता की आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि देशभर में आदिवासी समाज की 700 से अधिक जातियां हैं, जबकि झारखंड में 32 से 33 जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। सभी समुदायों की अपनी अलग परंपराएं और देवी-देवता हैं, लेकिन विविधता में एकता ही इन संस्कृतियों की पहचान है।

कांग्रेस और झामुमो पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों दल यह प्रचारित कर रहे हैं कि आदिवासियों को हिंदू बनाया जा रहा है, जबकि “हिंदू बनाने” जैसी कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि “क्रिश्चियन और मुसलमान बनाए जाते हैं, जबकि सरना, सनातन और हिंदू जन्म से होते हैं।”

मरांडी ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी का गठन अंग्रेजों के शासनकाल में हुआ था और अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाकर समाज को बांटने का काम किया। उनका आरोप था कि कांग्रेस आज भी उसी सोच के साथ राजनीति कर रही है।

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