News Saga Desk
पटना। बिहार में चल रहे विशेष सघन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के पहले चरण के बाद चुनाव आयोग ने एक अहम रिपोर्ट जारी की है। जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की मतदाता सूची से 65 लाख से अधिक नाम हटाए जाने की संभावना है। यह निर्णय मृत, स्थानांतरित अथवा दोहराव वाले मतदाताओं की पहचान के आधार पर लिया गया है।
आयोग द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार
१. 22 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं।
2. 35 लाख से अधिक मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं या उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है।
३. 7 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो दो स्थानों से पंजीकृत पाए गए।
करीब 1.2 लाख मतदाताओं ने निर्धारित समयसीमा में गणना फॉर्म नहीं भरे।
चुनाव आयोग का दावा है कि इस पुनरीक्षण अभियान के दौरान राज्य के 99.98% मतदाताओं तक संपर्क किया गया है। वर्तमान में बिहार में कुल 7.90 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां और निर्देश
आयोग ने जानकारी दी है कि प्रारूप मतदाता सूची 1 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। यदि किसी मतदाता को सूची में नाम हटने या जुड़ने को लेकर आपत्ति है, तो वह 1 सितंबर तक संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता पंजीयन अधिकारी (ERO) के पास प्रारूप फॉर्म भरकर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
इसके पश्चात, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को किया जाएगा। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को मृतक, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं की सूची राज्य के सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों को साझा कर दी गई है। दलों से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें इन मतदाताओं से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त हो, तो संबंधित क्षेत्र के बीएलओ (BLO) को तत्काल सूचित करें, जिससे सूची को सटीक रूप से अद्यतन किया जा सके।
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