News Saga Desk
पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन विधेयक पेश किया, इसमें प्रस्ताव है कि यदि किसी मौजूदा मंत्री, मुख्यमंत्री या यहां तक कि प्रधानमंत्री को पांच साल या उससे अधिक की जेल की सजा वाले अपराध के लिए लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार या हिरासत में रखा जाता है तो उन्हें एक महीने के भीतर अपना पद गंवाना पड़ सकता है। इस बिल का जहां विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं, वहीं जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस बिल का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा, “यह बिल इसलिए लाया जा रहा है कि जब संविधान बना होगा, तब जिन्होंने हमारा संविधान बनाया था उन्हें शायद इस बारे में पता ही नहीं होगा कि सत्ता में बैठे लोग इतने भ्रष्ट हो जाएंगे कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा… जहां तक मैं समझता हूं कि यह बिलकुल ठीक है कि अगर आप पर कोई आरोप लग रहा है और आप जेल जा रहे हैं तो आप जेल में बैठकर सत्ता नहीं चला सकते हैं…”
#WATCH पूर्णिया, बिहार: गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बिल इसलिए लाया जा रहा है कि जब संविधान बना होगा तब जिन्होंने हमारा संविधान बनाया था उन्हें शायद इस बारे… pic.twitter.com/MG9esEb2Ur
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 20, 2025
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