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Bhagalpur DM Alankrita Pandey ने ग्रहण किया पदभार। 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय अब भागलपुर की नई जिलाधिकारी बनी हैं। जानिए उनके प्रशासनिक अनुभव, उपलब्धियां और भागलपुर के लिए उनकी प्राथमिकताएं।
Bhagalpur DM Alankrita Pandey ने ग्रहण किया पदभार, जहानाबाद में सफल कार्यकाल के बाद अब संभालेंगी सिल्क सिटी भागलपुर की कमान
भागलपुर। बिहार के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जिलों में शामिल भागलपुर को सोमवार को नई जिलाधिकारी मिल गई। Alankrita Pandey ने ग्रहण किया पदभार और आधिकारिक रूप से भागलपुर जिले की नई डीएम के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली। निवर्तमान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने उन्हें पदभार सौंपा। उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिले में प्रशासनिक नेतृत्व के एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है।
Alankrita Pandey वर्ष 2016 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं और अपनी कुशल प्रशासनिक कार्यशैली, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता तथा विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। बिहार सरकार द्वारा हाल ही में जारी ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश के तहत उन्हें भागलपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह जहानाबाद जिले में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं, जहां उनके कार्यकाल को काफी सफल माना गया।

जहानाबाद में अपने कार्यकाल के दौरान Alankrita Pandey ने कई जनहितकारी फैसले लिए और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया। सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना की जाती रही है। यही वजह है कि भागलपुर में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भागलपुर, जिसे ‘सिल्क सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है, बिहार के प्रमुख जिलों में से एक है। यहां स्मार्ट सिटी परियोजना, ट्रैफिक प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे कई बड़े मुद्दों पर काम चल रहा है। ऐसे में नई जिलाधिकारी के रूप में अलंकृता पांडेय के सामने इन परियोजनाओं को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली अलंकृता पांडेय बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में शामिल सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की थी। इस उपलब्धि के बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का अवसर मिला और उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके कैडर परिवर्तन की कहानी भी काफी रोचक रही है। सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें प्रारंभिक रूप से पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया था। बाद में उनका विवाह बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी अंशुल अग्रवाल से हुआ। विवाह के बाद नियमानुसार उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर हुआ और वे बिहार कैडर में शामिल हो गईं। इसके बाद उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों में अपनी प्रशासनिक क्षमता का सफल प्रदर्शन किया।
भागलपुर में उनके आगमन को लेकर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवी वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आएगी। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि अलंकृता पांडेय का अनुभव और कार्यशैली भागलपुर के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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Alankrita Pandey ने ग्रहण किया पदभार केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि भागलपुर के लिए नई उम्मीदों और संभावनाओं का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह जिले के विकास, सुशासन और जनकल्याण के लक्ष्यों को किस प्रकार आगे बढ़ाती हैं और भागलपुर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में कितना सफल होती हैं।
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