News Saga Desk
पटना। पटना की सड़कों पर एक बार फिर अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। सोमवार को बड़ी संख्या में युवा हाथों में झंडे लेकर सड़क पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उनका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना था, लेकिन डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग के कारण उन्हें रोका गया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- दरोगा भर्ती की जल्द वैकेंसी: अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि बिहार पुलिस में दरोगा के पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि इस संबंध में लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
- आचार संहिता की चिंता: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आने वाले 10 दिनों में आचार संहिता लागू हो सकती है, जिसके बाद नई भर्ती की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। इसलिए वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- सिपाही भर्ती में पारदर्शिता: अभ्यर्थियों की एक अन्य मांग है कि सिपाही भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका आरोप है कि परीक्षा के बाद क्वेश्चन पेपर, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और आंसर की उपलब्ध नहीं कराई जाती, जो बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।
प्रदर्शन में न केवल अभ्यर्थी शामिल थे, बल्कि कई शिक्षक और शिक्षक नेता भी इस आंदोलन का हिस्सा बने। उनका समर्थन अभ्यर्थियों की मांगों को और मजबूती प्रदान कर रहा है। बिहार दरोगा भर्ती की स्थितिहाल ही में बिहार पुलिस विभाग द्वारा दरोगा के 28 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी 2025 से शुरू हुई और 27 मार्च 2025 तक चली। हालांकि, अभ्यर्थी अब बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं, जिसमें हाल ही में 23600 पदों पर भर्ती की संभावनाएं बताई जा रही हैं।
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