News Saga Desk
चाईबासा : भाजपा कथित रूप से सारंडा जंगल को हसदेव जंगल की तरह अडानी को देने की षड्यंत्र कर आदिवासी मूलवासी को खदेड़ने की तैयारी कर रही है। जिसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार कतई उनकी मंशा को पूरी नहीं होने देगी। सारंडा में वन्य प्राणी अभ्यारण्य (सेंचुरी) मामले पर हुए जन सभा में झारखंड सरकार के 5 मंत्रियों ने सीधे आम जनता से रु ब रु होकर इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को अवगत कराकर 08 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय, दिल्ली में हो रही सुनवाई के पूर्व राज्य सरकार अदालत को समर्पित कर देगी।
यह जानकारी आज झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। लागुरी ने कहा कि कथित रूप से भाजपा पिछले दरवाजे से एक षड्यंत्र रच कर सारंडा के आदिवासियों को खदेड़कर गौतम अडानी को वहां खनिज उत्खनन करने का रास्ता साफ करना चाहती है। इसलिए भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा जनता के बीच झारखंड सरकार के खिलाफ बयान देकर दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं। जो यहां की आदिवासी व मूलवासी के लिए चिंता का विषय है। अगर उन्हें इस मामले में इतना ही गंभीर हैं तो उन्हें केंद्र की भाजपा सरकार से यहां के आदिवासी मूलवासी लोगों की हितों को लेकर बात करनी चाहिए।
झामुमो पूर्व से ही जल, जंगल व जमीन और वहां बसने वाले आदिवासी मूलवासी की हितों को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ी और सत्ता पर आदिवासियों और मूलवासियों के हितों की रक्षा करना है। सारंडा के जंगल को बचाने के लिए सरकार नीतिगत रूप से प्रतिबद्ध है। मंत्री समूह की टीम और एक बार स्थानीय समुदायों से संवाद करेगी और एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर सारंडा को अभूतपूर्व रूप में सुरक्षित, संरक्षित, संवर्धित करेगी। इधर झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि भाजपा सारण्डा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के मामले में राज्य सरकार पर झूठ और भ्रामक आरोप लगा कर जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है ।
सारण्डा संरक्षण के साथ ही सारण्डा में आदिकाल से परम्परागत रूप से निवास करने वाले आदिवासियों एवं मूलवासियों के अस्तित्व एवं उनके सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक हितों की रक्षा हेमन्त सरकार की प्राथमिकता है और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। श्री देवगम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए हेमन्त सरकार ने सारण्डा का सामाजिक – आर्थिक अध्ययन के लिए मंत्री समूह का गठन किया है ताकि सारंडा जंगल और उस क्षेत्र में सदियों से परंपरागत रूप से निवास करने वाले आदिवासियों एवं मूलवासियों के सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक जीवनशैली पर कोई नाकारात्मक प्रभाव डाले बिना ही सारण्डा जंगल को जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की दृष्टि से सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके ।सारंडा में वन्य प्राणी अभ्यारण्य (सेंचुरी) मामले पर राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह ने छोटानागरा का दौरा कर जन सभा में सीधे आम जनता से रु ब रु होकर सारे चीजों को जानने और समझने का प्रयास किया है । मंत्री समूह पुनः 02 अक्टूबर 25 को रोआम और 04 अक्टूबर 2025 को डिम्बुली का दौरा कर इस सम्बन्ध में आम लोगों से रूबरू होगा।
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