News Saga Desk
बिहार के रोहतास जिले में सासाराम स्थित ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला तक पहुंच को आसान बनाने के लिए बनाया गया रोपवे ट्रायल के दौरान अचानक धराशायी हो गया। यह हादसा अकबरपुर इलाके में हुआ, जहां परीक्षण के समय रोपवे के पिलर धंस गए, अपर टर्मिनल स्टेशन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और केबिन-डोला टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जन-धन हानि नहीं हुई।
करीब 13 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से तैयार यह रोपवे कैमूर पहाड़ी स्थित रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम मंदिर के बीच आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। नए साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों इसका उद्घाटन प्रस्तावित था, लेकिन उससे पहले ही ट्रायल के दौरान यह बड़ा हादसा हो गया।
बताया गया है कि रोपवे परियोजना का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू हुआ था और इसे 2023 तक पूरा किया जाना था। हालांकि कई तकनीकी अड़चनों और कठिन परिस्थितियों के चलते इसमें देरी होती रही। लंबे इंतजार और तमाम प्रयासों के बाद परियोजना तैयार हुई थी, लेकिन आम लोगों के लिए शुरू होने से पहले ही ट्रायल में इसका गिर जाना निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
करीब 1324 मीटर लंबे इस रोपवे में कुल पांच टावर बनाए गए हैं, जिनमें से कुछ स्थानों पर करीब 40 डिग्री तक की तीखी चढ़ाई है। इसके चालू होने से लगभग 1400 फीट ऊंचे रोहतासगढ़ किले तक पहुंचना आसान हो जाता और किसी भी मौसम में पर्यटकों को राहत मिलती। अब तक लोगों को किले तक पैदल यात्रा करनी पड़ती थी।
इस परियोजना की निर्माण जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने कोलकाता की रोपवे एंड रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी थी। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। भाजपा ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
No Comment! Be the first one.