ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: युद्धविराम से पहले US ने दी संदिग्ध जहाजों को रोकने की खुली छूट

News Saga Desk

नई दिल्ली | अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता से पहले तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दुनिया भर में तैनात अपनी सेनाओं को ऐसे किसी भी जहाज को रोकने की अनुमति दे दी है, जिस पर ईरान से जुड़े होने या उसे मदद पहुंचाने का संदेह हो।

वैश्विक स्तर पर कार्रवाई की अनुमति
Joint Chiefs of Staff के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी बल अब सिर्फ खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से में संदिग्ध जहाजों का पीछा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू नाकाबंदी से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके जहाज भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

कहीं भी तलाशी और जब्ती का अधिकार
पेंटागन में मीडिया से बातचीत के दौरान जनरल केन ने कहा कि अमेरिकी सेना को अब किसी भी स्थान पर कमर्शियल जहाजों पर चढ़कर तलाशी लेने और संदिग्ध सामान जब्त करने का अधिकार होगा। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, ऐसा कोई भी सामान जो दुश्मन के लिए उपयोगी हो सकता है, उसे तटस्थ क्षेत्र के बाहर कहीं भी रोका जा सकता है।

प्रतिबंधित सामान की नई श्रेणियां
अमेरिका ने प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची भी जारी की है—

  • पूर्ण प्रतिबंधित: हथियार, गोला-बारूद और सैन्य उपकरण
  • शर्तीय प्रतिबंधित: तेल, लोहा, इस्पात, एल्युमिनियम
  • संदेह के आधार पर जब्ती योग्य: इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उत्पादन उपकरण, भारी मशीनरी

10,000 से अधिक सैनिक तैनात
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी लागू करने के लिए 10,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं। रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जहाज भागने की कोशिश करता है, तो पहले चेतावनी के तौर पर गोली चलाई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग भी किया जाएगा।

दिखने लगा असर
US Central Command के अनुसार, सैन्य कार्रवाई शुरू होने के पहले तीन दिनों में ही 14 जहाज नाकाबंदी का सामना करने के बजाय वापस लौट गए, जो अमेरिका की सख्ती का तत्काल असर दिखाता है।

युद्धविराम से पहले बढ़ता तनाव
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब मौजूदा युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अवधि बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में अमेरिका की यह रणनीति ईरान पर दबाव बढ़ाने के रूप में देखी जा रही है।

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