News Saga Desk
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नया नेता चुना गया है। यह फैसला हाल ही में हुई विधायक दल की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें पहले नीतीश कुमार को नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया था।
नालंदा विधानसभा सीट से 1995 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे श्रवण कुमार ने 2026 में भी अपनी पकड़ कायम रखते हुए लगातार आठवीं बार चुनाव जीता। वे लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और बिहार सरकार में ग्रामीण विकास तथा परिवहन मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
जेपी आंदोलन से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले श्रवण कुमार को हाल ही में वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा भी प्रदान की गई है।
इस बीच, जेडीयू एक संक्रमण काल से गुजर रही है। लंबे समय बाद निशांत कुमार पार्टी गतिविधियों में सक्रिय हुए हैं, हालांकि उन्होंने अभी कोई औपचारिक पद नहीं लिया है और राज्यभर में संगठन को समझने के लिए दौरे की तैयारी कर रहे हैं।
उधर, नीतीश कुमार अब सक्रिय प्रशासनिक भूमिका से अलग हो चुके हैं और राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में सरकार की कमान भाजपा के हाथों में है। ऐसे में श्रवण कुमार के सामने पार्टी संगठन को एकजुट रखना, उसे मजबूत बनाना और गठबंधन की राजनीति को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
गौरतलब है कि विधायक दल की बैठक के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज कुमार ने जानकारी दी थी कि नेता चयन का अधिकार नीतीश कुमार को दिया गया है, जिसके तहत यह निर्णय लिया गया।
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