Norway Chess 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाले भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा का तमिलनाडु सरकार ने सम्मान किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। इस दौरान दोनों ने शतरंज की एक दोस्ताना बाजी भी खेली, जिसमें प्रज्ञानानंदा ने जीत हासिल की।
News Saga Desk
भारत के युवा शतरंज सितारे R Praggnanandhaa ने Norway Chess 2026 का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर तमिलनाडु सरकार ने उनका भव्य सम्मान किया। मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने सचिवालय में प्रज्ञानानंदा से मुलाकात कर उन्हें 50 लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
यह सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शतरंज प्रेमियों के लिए एक यादगार पल भी बन गया, जब मुख्यमंत्री और युवा ग्रैंडमास्टर ने एक दोस्ताना शतरंज मुकाबला खेला।
मुख्यमंत्री और प्रज्ञानानंदा के बीच शतरंज की बाजी
सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विजय और प्रज्ञानानंदा शतरंज की बिसात पर आमने-सामने बैठे। दोनों के बीच हुई इस दोस्ताना बाजी में कुछ ही चालों के बाद प्रज्ञानानंदा ने मुख्यमंत्री को चेकमेट कर दिया।
हालांकि जीत के बाद प्रज्ञानानंदा ने मुख्यमंत्री के खेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद सुखद और यादगार अनुभव था। युवा ग्रैंडमास्टर ने बताया कि उन्हें पहले यह जानकारी नहीं थी कि मुख्यमंत्री भी शतरंज खेलते हैं।
प्रज्ञानानंदा के अनुसार, जब शतरंज की बिसात लाई गई तो दोनों ने मुख्यमंत्री की मेज पर ही मुकाबला खेला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने काफी अच्छा खेल दिखाया और बातचीत के दौरान बताया कि वे अपने दोस्तों के साथ शतरंज खेला करते थे।
50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
तमिलनाडु सरकार ने प्रज्ञानानंदा की ऐतिहासिक उपलब्धि को देखते हुए उन्हें 50 लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मान स्वरूप चेक भी सौंपा।
राज्य सरकार का मानना है कि प्रज्ञानानंदा की सफलता न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Norway Chess 2026 में रचा इतिहास
चेन्नई में जन्मे प्रज्ञानानंदा ने ओस्लो में आयोजित Norway Chess 2026 के अंतिम दौर में जर्मनी के Vincent Keymer को हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वे Norway Chess जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में उन्होंने लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर शानदार वापसी की।
दिग्गज खिलाड़ियों को दी मात
Norway Chess 2026 के दौरान प्रज्ञानानंदा ने दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ियों को हराकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने Alireza Firouzja, Magnus Carlsen, D Gukesh और विंसेंट कीमर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को मात दी।
सबसे ज्यादा चर्चा उनकी मैग्नस कार्लसन पर मिली जीत की रही। प्रज्ञानानंदा ने टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराकर दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
भारतीय शतरंज के लिए स्वर्णिम उपलब्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रज्ञानानंदा की यह सफलता भारतीय शतरंज के लिए एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है। कम उम्र में उन्होंने जिस तरह विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
Norway Chess 2026 का खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंदा न केवल भारत बल्कि वैश्विक शतरंज जगत के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
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