Rajesh Exports SEBI Case: 15.15 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय विसंगति का दावा, कंपनी ने किया खंडन

News Saga Desk

Rajesh Exports SEBI Case | SEBI ने Rajesh Exports और चेयरमैन राजेश मेहता पर 15.15 लाख करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कंपनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए जांच में सहयोग की बात कही है।

Rajesh Exports SEBI Case: 15.15 लाख करोड़ रुपये की कथित वित्तीय विसंगति पर बढ़ी जांच

देश की प्रमुख स्वर्ण एवं आभूषण निर्यातक कंपनियों में शामिल Rajesh Exports इन दिनों बाजार नियामक SEBI द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी और उसके चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अंतरिम कार्रवाई की है। जांच में करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय विसंगति का दावा किया गया है। हालांकि कंपनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

क्या है पूरा मामला?

SEBI की जांच और फॉरेंसिक ऑडिटर BDO India की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के दौरान Rajesh Exports के घोषित समेकित राजस्व का लगभग 97 प्रतिशत से 99.8 प्रतिशत हिस्सा विदेशी सहायक कंपनियों से आता हुआ दिखाया गया।

इन विदेशी इकाइयों में स्विट्जरलैंड स्थित Valcambi SA सबसे प्रमुख कंपनी बताई गई है। जांच एजेंसियों ने जब Valcambi SA के स्वतंत्र और ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय खातों की समीक्षा की, तो वहां दर्ज राजस्व और Rajesh Exports के समेकित खातों में दिखाए गए राजस्व के बीच भारी अंतर पाया गया।

SEBI के अनुसार इसी अंतर के आधार पर लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय विसंगति सामने आई है। नियामक का दावा है कि कंपनी इस अंतर को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज, इनवॉइस और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी।

339 करोड़ रुपये के फंड ट्रांसफर का भी आरोप

मामला केवल राजस्व आंकड़ों तक सीमित नहीं है। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता ने कथित तौर पर बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या ऑडिट कमेटी की मंजूरी के कंपनी के लगभग 339 करोड़ रुपये अपने व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित किए।

SEBI का आरोप है कि इन फंड्स का इस्तेमाल व्यक्तिगत डेरिवेटिव ट्रेडिंग गतिविधियों के लिए किया गया। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

Rajesh Exports SEBI Case

अफ्रीका में 1,035 करोड़ रुपये के निवेश पर भी सवाल

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। Rajesh Exports ने अफ्रीका की सोने की खदानों में लगभग 1,035 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया था।

हालांकि फॉरेंसिक ऑडिट के दौरान इस निवेश के समर्थन में कोई स्वतंत्र और ठोस भौतिक सत्यापन नहीं मिल सका। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेज निवेश की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

SEBI ने उठाए सख्त कदम

इन आरोपों को गंभीर मानते हुए SEBI ने अंतरिम आदेश जारी किया है। नियामक ने राजेश मेहता को फिलहाल प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से रोक दिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

बाजार नियामक का कहना है कि निवेशकों के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले की गहन जांच आवश्यक है।

कंपनी ने सभी आरोपों को किया खारिज

Rajesh Exports ने SEBI द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। कंपनी का कहना है कि उसका पूरा कारोबार वास्तविक है और वित्तीय विवरण सही एवं प्रमाणित हैं।

कंपनी के अनुसार उसकी स्विस सहायक कंपनी Valcambi SA दुनिया की प्रमुख गोल्ड रिफाइनिंग कंपनियों में से एक है। इसी वजह से कारोबार का आकार और राजस्व के आंकड़े स्वाभाविक रूप से बड़े दिखाई देते हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

शेयर बाजार पर पड़ा असर

SEBI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई। इसका असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला और बाजार में दबाव की स्थिति बनी रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी सूचीबद्ध कंपनी पर इस तरह के गंभीर आरोप निवेशकों के विश्वास और कंपनी की साख को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

अभी जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल मामला जांच के चरण में है। अभी तक किसी अदालत या अंतिम नियामकीय आदेश में वित्तीय धोखाधड़ी या अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।

एक ओर SEBI ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी ओर Rajesh Exports सभी आरोपों को सिरे से नकार रही है। ऐसे में वर्तमान स्थिति को “आरोप बनाम सफाई” के रूप में देखा जा रहा है।

इसे भी देखें… झारखंड राज्यसभा चुनाव: INDIA और NDA के बीच जीत के दावे तेज, उम्मीदवारों को लेकर सियासी जंग हुई दिलचस्प

Rajesh Exports और उसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगे आरोप भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो सकते हैं। 15.15 लाख करोड़ रुपये की कथित वित्तीय विसंगति, फंड ट्रांसफर और विदेशी निवेश से जुड़े सवालों ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। अब सभी की निगाहें SEBI की अंतिम जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली नियामकीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करेगी।

Read More News

रिम्स ट्रॉमा सेंटर में युवक की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर में एक युवक की मौत...

Read More