प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को किया याद

 News Saga Desk

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रहित के प्रति उनका समर्पण, साहस और विचार आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान राष्ट्रभक्त, विद्वान और दूरदर्शी राजनेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत के विकास और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी अटूट निष्ठा, साहस और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। देशभर में भाजपा और अन्य संगठनों द्वारा उनके बलिदान दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें उनके विचारों और योगदान को याद किया गया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन 23 जून 1953 को हुआ था। उनकी राष्ट्रवादी सोच, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और देश की एकता के प्रति समर्पण आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। बलिदान दिवस के अवसर पर देशभर में उन्हें याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में डॉ. मुखर्जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और आने वाली पीढ़ियां भी उनसे प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज की निःस्वार्थ सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहे डॉ. मुखर्जी के प्रखर विचार और आदर्श देश की प्रत्येक पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा कर लिखा कि

“न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”

इस सुभाषित का अर्थ है कि मनुष्य को न तो केवल कर्मों, न संतानों और न ही धन-संपत्ति से अमरत्व या सर्वोच्च गौरव प्राप्त होता है, बल्कि त्याग के माध्यम से ही उच्चतम आदर्शों की प्राप्ति संभव है। जो लोग निःस्वार्थ भाव से त्याग और तपस्या का मार्ग अपनाते हैं, वे सत्य और परम कल्याण की उस अवस्था को प्राप्त करते हैं जो मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है।प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन त्याग, राष्ट्रसेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जो देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

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