Bihar AI Hub बनाने, डेहरी में नई टाउनशिप विकसित करने, पर्यटन के लिए 5000 करोड़ रुपये और 125 दिन रोजगार गारंटी जैसे बड़े फैसलों को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दी।
News Saga Desk
पटना। बिहार सरकार ने राज्य के तकनीकी, शहरी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Bihar AI Hub विकसित करने, नई सैटेलाइट टाउनशिप बसाने, पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य में निवेश, रोजगार और विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
Bihar AI Hub के रूप में विकसित होगा राज्य
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में Bihar AI Hub की स्थापना शामिल है। राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इकोसिस्टम विकसित करने के लिए Google Cloud India, Microsoft India, Sarvam और CoRover जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने का फैसला किया है।
आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, इन कंपनियों के सहयोग से सरकारी अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आधुनिक AI तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों में विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे ताकि युवा भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

स्थानीय भाषाओं और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
Bihar AI Hub परियोजना के तहत केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि शोध कार्यों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों पर आधारित AI अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए शोधकर्ताओं को सहयोग उपलब्ध कराएगी।
इसके अलावा डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर
राज्य सरकार का मानना है कि Bihar AI Hub बनने से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। तकनीकी कंपनियों की भागीदारी से नए निवेश आकर्षित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह पहल सफल रहती है तो बिहार पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण तकनीकी केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को राज्य छोड़कर अन्य महानगरों में जाने की आवश्यकता भी कम होगी।
डेहरी में बनेगी नई सैटेलाइट टाउनशिप
कैबिनेट ने रोहतास जिले के डेहरी में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह बिहार की 12वीं सैटेलाइट टाउनशिप होगी। इस परियोजना के लिए हडको से एक लाख करोड़ रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण लेने का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार इस टाउनशिप में आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर आवासीय सुविधाएं और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
शहरों के विस्तार से मिलेगा विकास को बल
कैबिनेट ने सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को भी मंजूरी दी है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन क्षेत्रों के विस्तार से नए आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश आकर्षित होगा और शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सकेगा।
पर्यटन क्षेत्र में 5000 करोड़ रुपये का निवेश
बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को 5000 करोड़ रुपये तक के वित्तपोषण की मंजूरी दी गई है। इस राशि का उपयोग पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास और नई परियोजनाओं को शुरू करने में किया जाएगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाना है। पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ने से स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी
कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को भी मंजूरी प्रदान की है।
नई व्यवस्था के अनुसार पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता बढ़ाने और पलायन कम करने में सहायक होगा।
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निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था होगी मजबूत
नई परिषद योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा भी करेगी। परिषद सरकार को आवश्यक सुझाव देकर योजनाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू करने में मदद करेगी।
कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट के ये फैसले तकनीकी नवाचार, शहरी विकास, पर्यटन संवर्धन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। Bihar AI Hub से लेकर ग्रामीण रोजगार गारंटी तक की ये पहलें आने वाले वर्षों में राज्य की विकास यात्रा को नई गति दे सकती हैं।
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