NEWS SAGA DESK
बोकारो :- जिला प्रशासन की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए फ्लेक्स में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम की स्पेलिंग गलत छपने का मामला सामने आया है। फ्लेक्स में मुख्यमंत्री का नाम “हेमंन सोरेन” लिखा गया, जबकि सही नाम “हेमंत सोरेन” है। इस त्रुटि को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
फ्लेक्स में केवल मुख्यमंत्री के नाम की स्पेलिंग ही गलत नहीं छपी, बल्कि कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान ‘रिनपास’ का नाम भी गलत तरीके से “रिवा श्वास” लिखा गया। यह फ्लेक्स जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बोकारो की ओर से तैयार कराया गया था।
सरकारी कार्यक्रम के प्रचार के लिए लगाए गए फ्लेक्स में इस प्रकार की त्रुटियां सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने वाली प्रचार सामग्री को जारी करने से पहले उसकी सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए थी।
मामले को लेकर जब बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि भाषाई और व्याकरण संबंधी त्रुटियां भी अध्ययन और सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। उन्होंने कहा कि भाषा निरंतर विकसित होती रहती है और व्याकरण संबंधी अशुद्धियां भी इसका एक हिस्सा हैं। उपायुक्त ने यह भी कहा कि उन्हें इस विशेष त्रुटि की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो लोगों को अभियान के मूल उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान समाज के हित में चलाया जा रहा एक महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
हालांकि, फ्लेक्स में हुई इन गलतियों ने सरकारी प्रचार सामग्री की गुणवत्ता और उसकी समीक्षा प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की त्रुटियों से बचने के लिए संबंधित विभागों को सामग्री प्रकाशित करने से पहले उसकी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत बनाना चाहिए।
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