सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट से खरीदारों को राहत मिली है। 26 दिनों में सोना ₹10,170 और चांदी ₹30,210 प्रति किलो तक सस्ती हुई।
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट ने सराफा बाजार में खरीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पिछले 26 दिनों में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से ₹10,170 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी में ₹30,210 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति और डॉलर की मजबूती इस गिरावट की प्रमुख वजह है।

26 दिनों में सोना ₹10,170 प्रति 10 ग्राम सस्ता
IBJA के अनुसार 15 जून 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,54,180 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि 11 जुलाई 2026 तक इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई और कीमत घटकर ₹1,44,010 प्रति 10 ग्राम रह गई।
यानी केवल 26 दिनों में सोने की कीमत में ₹10,170 प्रति 10 ग्राम यानी करीब 6.60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है।
चांदी में और भी बड़ी गिरावट
चांदी के बाजार में गिरावट और अधिक देखने को मिली। 15 जून को चांदी का भाव ₹2,53,170 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो 11 जुलाई को घटकर ₹2,22,960 प्रति किलोग्राम रह गया।
इस तरह चांदी ₹30,210 प्रति किलोग्राम यानी लगभग 11.93 प्रतिशत सस्ती हो चुकी है। इससे चांदी के आभूषण उद्योग और औद्योगिक उपयोग करने वाले कारोबारियों को लागत में राहत मिलने की संभावना है।
पृष्ठभूमि: क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई ऐसे आर्थिक संकेत सामने आए हैं, जिन्होंने कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।
हालांकि हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य घटनाक्रमों ने कुछ समय के लिए सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ाई थी, लेकिन यह असर ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया।
इसके बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने बाजार की दिशा बदल दी और सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
ब्याज दर और डॉलर बने सबसे बड़े कारण
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि महंगाई अभी भी अपेक्षा से अधिक बनी हुई है। ऐसे में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखा जा सकता है।
जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने जैसी बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों की बजाय अन्य निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग पर भी असर पड़ा।
इन्हीं कारणों से वैश्विक बाजार में दबाव बना और उसका असर भारतीय सराफा बाजार पर भी दिखाई दिया।
खरीदारों और निवेशकों पर क्या होगा असर?
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो शादी, त्योहार या निवेश के उद्देश्य से सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
हालांकि जिन निवेशकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई पर खरीदारी की थी, उन्हें अल्पकालिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
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आधिकारिक आंकड़े क्या कहते हैं?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार—
- 15 जून 2026: 24 कैरेट सोना – ₹1,54,180 प्रति 10 ग्राम
- 11 जुलाई 2026: 24 कैरेट सोना – ₹1,44,010 प्रति 10 ग्राम
- कुल गिरावट – ₹10,170 (लगभग 6.60%)
चांदी के लिए—
- 15 जून 2026: ₹2,53,170 प्रति किलोग्राम
- 11 जुलाई 2026: ₹2,22,960 प्रति किलोग्राम
- कुल गिरावट – ₹30,210 (लगभग 11.93%)
आम लोगों के लिए जरूरी जानकारी
यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले IBJA या अपने स्थानीय सराफा बाजार के ताजा भाव जरूर जांच लें। अलग-अलग शहरों में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम क्षमता का भी ध्यान रखें।
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