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डी.डी. बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु हत्याकांड में एसआईटी को बड़ी सफलता, मुख्य आरोपित राहुल दुबे पुलिस रिमांड पर; अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी।

जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपित राहुल दुबे की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चापड़ बरामद किया गया है। एसआईटी अब तक 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है और बाकी की तलाश जारी है।
पूर्वी सिंहभूम जिले के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डी.डी. बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपित राहुल दुबे की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ बरामद कर लिया गया है। पुलिस इसे पूरे मामले की जांच में अहम उपलब्धि मान रही है। बरामद हथियार को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर केस को और मजबूत किया जा सके।
इस मामले में गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) लगातार जांच कर रहा है। पुलिस अब तक 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी है।
27 जून की रात हुई थी हिमांशु की हत्या
सिटी एसपी ललित मीणा ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डी.डी. बार के समीप हिमांशु पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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घटना के बाद शहर में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर तत्काल विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसे जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ी जांच
एसआईटी ने जांच के दौरान कई आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण, मानवीय आसूचना और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
इन साक्ष्यों के आधार पर अब तक प्राथमिकी और अप्राथमिकी में नामजद 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी, जिससे उन पर लगातार दबाव बना हुआ था।
राहुल दुबे ने किया था फिल्मी अंदाज में आत्मसमर्पण
पुलिस के अनुसार, बढ़ते दबाव के बीच इस मामले के मुख्य आरोपित राहुल दुबे ने कुछ दिन पहले बिष्टुपुर थाना में फिल्मी अंदाज में आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान राहुल दुबे ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चापड़ बरामद कर लिया।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा हथियार
सिटी एसपी ने बताया कि बरामद चापड़ को वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बरामद हथियार पर मिले जैविक और अन्य साक्ष्य घटना से मेल खाते हैं या नहीं।
पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार मिलेगा और अदालत में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
राहुल दुबे का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार राहुल दुबे (30) कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर का निवासी है। उसके पिता का नाम शर्मानंद दुबे है।
राहुल दुबे का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी जेल जा चुका है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में उसका क्या रोल था और क्या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या संगठित आपराधिक साजिश थी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार अभियान चला रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि अदालत में प्रभावी ढंग से मुकदमा चलाया जा सके।
कई पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे अभियान का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) ऋषभ त्रिवेदी ने किया। उनके साथ जिले के कई पुलिस उपाधीक्षक, बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरंजन कुमार, तकनीकी शाखा की टीम और विशेष छापामारी दल लगातार कार्रवाई में जुटे रहे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संगठित अपराध और गंभीर आपराधिक घटनाओं के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य ऐसे मामलों में त्वरित जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों को कानून के दायरे में लाना है।
हिमांशु हत्याकांड में हत्या के हथियार की बरामदगी को पुलिस जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है, जिससे इस चर्चित हत्याकांड की पूरी साजिश से पर्दा उठने की उम्मीद है।
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